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गांव मसुदपुर में रात को हुआ खेला, स्वास्थ्य विभाग में लाखों रूपए की दवा घोटाला उजागर मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक !

 खेत में बने कुंए से सरकारी दवाईयों का जखीरा बरामद, रात को चोरी



नारनौंद : सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज 



गांव मसुदपुर के किसान के खेत में में बने टयूब्ल के कुएं में सरकारी दवाओं का जखीरा मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हडक़ंप मच गया। किसान ने कुछ दवाओं को कुएं से बाहर निकाला, लेकिन रात को उन्हें कोई उठा ले गया। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीमें जांच करने में जुटी हुई हैं। 









गांव मसुदपुर निवासी किसान सुरेश ने बताया कि उसके खेत में टयूब्ल के कुएं में पानी भरा हुआ था, जिसके कारण वो सफाई नहीं कर पा रहा था। सोमवार को जब वो पानी सुखा या नहीं देखने के लिए गया तो देखा कि कुएं में पानी तो नहीं है, परंतु दवाईयां व सिरिंजों से कुुआं अटा पड़ा है। उसने कुछ दवाओं को बाहर निकालकर देखा तो उन पर सरकारी लेवल लगा हुआ था और सब दवाईयां नॉट फॉर सेल की थी। जोकि सरकारी अस्पतालों में ही उपलब्ध होती हैं। सुरेश ने बताया कि उसने मजदूर ले जाकर दवाईयों को कुएं से बाहर निकलवाया और इसकी सूचना डॉयल 112 पर दी तो पुलिस मौके पर पहुंच गई और इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को भी दी। 









रात को वो घर आ गए, लेकिन सुबह जब वो पूर्व विधायक प्रोफेसर रामभगत व अन्य ग्रामीणों को लेकर पहुंचा तो कुएं से निकाली गई दवाईयां व कुएं में मौजूद दवाईयां गायब मिली। कुएं में केवल दो कट्टे दवाईयां व सिरिंज ही मिले। मंगलवार की सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची और दवाईयों को अपने कब्जे में ले लिया। 







सिसाय सीएचसी की एसएमओ डॉक्टर मीनू ने बताया कि दवाओं को कब्जे में ले लिया गया है। अधिकतर दवाईयां बच्चों को दी जाने वाली आयरन सिरप व सिरिंज मिले हैं। जोकि सरकारी डिस्पेंसरी व सरकारी अस्पतालों में ही उपलब्ध होती है। ये दवाईयां किस अस्पताल व डिस्पेंसरी को अलॉट हुइ्र थी। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जो भी दौषी होगा उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। 









पूर्व विधायक प्रोफेसर रामभगत ने बताया कि खेत में मिली अधिकतर दवाईयां दो बच में तैयार की गई हैं, जिनकी मैनफेक्चरींग 2020-21 की है और इनकी एक्सपायरी डेट सितंबर 2022 व सितंबर 2023 बताई जा रही है। कुएं में मिली दवाईयों से सब हैरत में हैं कि सरकारी अस्पतालों में ना ही तो मरीजों को दवाईयां मिलती हैं और ना ही इंजैक्सन लगाने के लिए सिरिंज मिलती है। इन दवाओं के मिलने से साबित होता है कि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के विभाग में सरकारी अस्पतालों में कमीशन खोरी का खेल चल रहा है। जिसके कारण सरकारी दवाओं को यूं ही फैंक दिया जाता है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री, मुख्यमंत्री सहित आला अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच करवाकर दौषियों को कड़ी सता देने की मांग की है। 


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