स्वतंत्रता दिवस स्पेशल पेज


 

Breaking News

हिसार अस्पताल में हुई बड़ी लापरवाही, शवों की अदला बदली कर जींद के जगपाल का शव भेज दिया राजस्थान !

 जगपाल के परिजनों ने किया हंगामा, तो एसीएस ने मांगी जांच रिपोर्ट




हिसार : सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज 


हिसार के नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा शवों की अदला बदली कर राजस्थान के व्यक्ति के शव की जगह जींद जिले के व्यक्ति का शव सौंप दिया और राजस्थान में उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। जब इस बात का पत्ता जींद जिले के मृतक के परिजनों को पता चला तो उन्होंने अस्पताल में हंगामा कर दिया तो डॉक्टरों की नींद हराम हो गई। 







जींद जिले के गांव खेड़ी मसानिया निवासी जगपाल की उकलाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पुलिस ने परिजनों के ब्यान के बाद पुलिस ने कार्यवाही करते हुए   अस्पताल प्रशासन को पोस्टमार्टम के लिए कागजात उपलब्ध करवा दिए थे ताकि पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जा सके और डॉक्टरों ने जगपाल के शव का पोस्टमार्टम राजस्थान के गढ़ी छानी निवासी केशर के नाम से करके मृतक केशर के परिजनों के हवाले कर दिया। मृतक केशर के परिजनों ने भी शव को ठीक से नहीं देखा और अपने गांव ले जाकर उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। जब मृतक जगपाल के परिजनों ने शव मांगा तो इस बात का खुलासा हुआ कि अस्पताल में शव बदला जा चुका है तो उन्होंने डॉक्टरों व पुलिस प्रशासन के खिलाफ लापरवाही बरतने को लेकर हंगामा कर दिया। 








परिजनों के हंगामें के बाद डॉक्टरों की नींद हराम हो गई। क्योंकि केशर के नाम से पोस्टमार्टम रविवार को हो चुका है और अब दौबारा से केशर के नाम से पोस्टमार्टम कैसे होगा। क्योंकि पोस्टमार्टम की कार्यवाही की पूरी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड भी की जा चुकी थी। ऐसे में डॉक्टरों व पुलिस कर्मचारियों ने आपस में मंथन शुरू किया तो एसीएस स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त सचिव ने सीएमओ से इसकी रिपोर्ट मांगी तो सीएमओ ने आनन फानन में पांच सदस्यों की कमेटी का गठन कर दिया जोकि इस पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी। 




वहीं सोमवार को दिन भर राजस्थान के केशर के परिजन भी शवगृह व डॉक्टरों के दफ्तर के चक्कर काटते रहे कि उनके व्यक्ति के शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव उनके हवाले किया जाए। वहीं जींद जिले के गांव खेड़ी मसानिया के मृतक जगपाल के परिजन का भी कहना है कि वो कैसे मान लें कि जिस शव का अंतिम संस्कार राजस्थान में किया जा चुका है वो जगपाल का ही है। इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। बल्कि डॉक्टरों व पुलिस कर्मचारियों की इसमें सरेआम लापरवाही सामने आई है। इस मामले को लेकर वो एसपी से भी शिकायत कर चुके हैं। मृतक जगपाल का बेटे दर्शन ने बताया कि कि उन्हें तो उनके जगपाल का ही शव चाहिए। ऐसे में डॉक्टरों व पुलिस प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है कि ऐसे में वो जगपाल का शव कहां से लाकर दें। क्योंकि उसका अंतिम संस्कार तो राजस्थान के गढ़ी छानी में हो चुका है। 





मृतक जगपाल के भाई चांदीराम ने कहा कि कौन फुल उठाने राजस्थान के गढ़ी छानी जाएगा और वो कैसे मान लें कि उनके भाई का अंतिम संस्कार हो चुका है। इसके लिए कार्यवाही करने के लिए अधिकारियों को समय दिया गया है। अगर उचित कार्यवाही नहीं होती तो ग्रामीणों के मिलकर वो कोई ठोस निर्णय लेने पर मजबूर होंगे। 





इस संबंध में उकलाना थाना प्रभारी बलवंत सिंह ने बताया कि जगपाल की मौत सडक़ दुर्घटना में हो गई थी। जिसके बाद शव के पोस्टमार्टम के लिए कागजी कार्यवाही कर डॉक्टरों को दे दी थी। हाथ पर टैग भी लगाया गया था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण गलत आदमी के नाम से पोस्टमार्टम कर शव सौंप दिया और उसका अंतिम संस्कार राजस्थान में कर दिया। जबकि गाड़ी चालक के खिलाफ उकलाना में दुर्घटना का मामला दर्ज है। 








मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में आएगी दिक्कत

जब जगपाल के शव का पोस्टमार्टम राजस्थान के गढ़ी छानी निवासी केशर के रूप में किया गया है और उसका अंतिम संस्कार भी किया जा चुका है तो ऐसे में जगपाल का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि ना ही तो जगपाल के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट उनको मिल सकती है और ना ही इस संबंध में कोई कागज मिलता दिख रहा है। 




बस स्टैंड चाैकी इंचार्ज रवि ने पीएमओ से मिले व केसर के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनाें काे साैंपने का आग्रह किया। तब पोस्टमार्टम हुआ। देर शाम शव लेकर परिजन गढ़ी छानी पहुंचे ओर संस्कार किया। अभी तक केसर समझ जिस जगपाल का अंतिम संस्कार हुआ उसके अवशेष पुलिस ने कब्जे में नहीं लिये।




इस संबंध में हिसार की पीएमओ डॉक्टर रतना भारती ने बताया कि पुलिस द्वारा जगपाल के शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए कागज दिए गए थे। लेकिन शव के बदलने के कारण जगपाल के नाम की एंट्री नहीं हो सकी है। ऐसे में जगपाल का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में काफी परेशानी हो सकत है। इसके लिए पांच सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी के निर्णाय के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी। 


कोई टिप्पणी नहीं

Thanks

Home; | DMCA; | Disclaimer; | Privacy Policy; | About Us; | Contact Us; |