रोष प्रदर्शन कर संयुक्त किसान मोर्चा हिसार ने मुख्यमंत्री के नाम जिला उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन !
किसानों व कृषि की ज्वलंत समस्याओं बारे में ज्ञापन सौंपा।
हिसार : सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज
संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा के तत्वाधान में आज संयुंक्त किसान मोर्चा,हिसार ने विरोध प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से यह ज्ञापन उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। आज के विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता सुरजभान डाया ने की और संचालन सोमबीर पिलानिया ने किया।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में सरदानन्द राजली ने बताया कि सबसे पहले शहीद किसानों को सम्मान में शहीद गुलाम मोहम्मद जौला,रामचंद्र खर्ब और प्रदीप धनखड़ के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की और 24 मई 2021 को किसानों ने क्रांतिमान पार्क में बहुत बड़ी ऐतिहासिक महापंचायत की थी। सरकार को झुकना पड़ा था। 16 मई 2021 को मुख्यमंत्री खट्टर के विरोध प्रदर्शन करके काले झंडे दिखाए थे किसानो पर लाठीचार्ज और आंसु गैस के गोले मारे गए और 24 नामजद किसानों पर और अन्य 300 किसानों पर धारा 307 लगाई गई थी। किसानों ने क्रांतिमान पार्क हिसार मे ऐतिहासिक रैली करके धारा 307 हटवाई। उसी दिन हमारे किसान नेता रामचंद्र खर्ब उगालन शहीद हो गए थे।
किसानों ने क्रांतिमान पार्क के सामने वाले चौक पर किसानी का झंडा लगाकर किसान चौंक का नाम रख दिया था। आज उस किसान चौंक पर तिरंगा झंडा फहराया गया और शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी गई। किसानों ने शहीद किसान रामचंद्र खर्ब उगालन के बेटे कृष्ण कुमार खर्ब को शॉल भेंट की। वर्तमान की केंद्र व राज्य की सरकारें कृषि क्षेत्र और किसानों के प्रति लगभग संवेदनहीन बनी हुई हैं। जगह-जगह विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से भयंकर गर्मी के मौसम में भी किसान अपनी समस्याएं उठाने के लिए आंदोलन करने पर मजबूर हैं। परंतु उन समस्याओं का निराकरण करने के मामले में सरकार व प्रशासन का रुख सकारात्मक नहीं है। इस स्थिति में हमें अपने आंदोलन को और तेज करना पड़ेगा। आज के विरोध प्रदर्शन की मुख्य मांगे ये रही।
कुएं में दबे किसानों के लिए उठी आवाज
22 मई को स्याहड़वा गांव के अंदर खेत में लगे ट्यूबल का काम करते हुए दो किसान ट्युबल की दिवार धसने से मौत का शिकार हो गए। जिसमें एक किसान जगदीश का शव मिल गया है, लेकिन जयपाल हुड्डा जिसका शव अभी तक नहीं मिला। संयुक्त किसान मोर्चा हिसार ने दोनों किसानों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को स्थाई नौकरी देने की मांग की है ।
ये हैं प्रमुख मांगे
1. गेहूं पकने के समय अत्यधिक तापमान बढ़ने से गेहूं व अन्य फसलों का उत्पादन कम हुआ है जो कि एक प्राकृतिक आपदा है. इसलिए सरकार नुकसान के अनुसार इस क्षति की भरपाई करे।
2.बिजाई के दौरान पर्याप्त बिजली सप्लाई दी जाए और सभी आवेदकों को ट्यूबवेल के लंबित कनेक्शन जारी किए जाएं. खेतों में बिजली लाइनों के टावरों का पूरा मुआवजा दो।
3. विगत आंदोलन और उससे पूर्व हुए आंदोलनों में किसानों पर बने सभी मुकदमें वापस लिए जाएं।
4.आर्थिक सहायता दिए जाने के मामले में शहीद किसानों के बचे हुए परिवारों को भी सहायता आवंटित की जाए।
5. फसल खराबी के पहले के लटके हुए मुआवजे व बीमा क्लेमों की अदायगी तुरंत हो।
6. शुगर मिलों का बकाया नियमानुसार तुरंत करवाया जाए।
7. भूमि अधिग्रहण कानून हरियाणा संशोधन रद्द करो।
8. सेना की बंद पड़ी भर्ती खोली जाए और उम्र में छूट मिले।
9. आंगनबाड़ी की बर्खास्त कर्मियों को तुरंत बहाल करो।
ये रहे मौजूद
आज इस विरोध प्रदर्शन में मेहरसिंह बांगड़, संदीप सिवाच, दिलबाग हुड्डा लुदास, शमशेर नम्बरदार, सुबेदार रणवीर मलिक, कुलदीप खरड़, हर्षदिप गिल, दीपक पंडित खेड़ीचौपटा, सुबेसिंह बूरा, सुरेश मलिक, बलराज मलिक, सुनील सिवाच, रीमन नैन, अनु सूरा, सरोज बिछपड़ी, प्रदीप मलिक, राकेश डंढूर, समुंद्र नम्बरदार, सोमावीर पिलानियां, दिनेश सिवाच, मुकेश डाया, रामबीर ढाडा, हवासिंह हिंदवान, कुलदीप पुनिया, मास्टर रमेश सैनी, सतबीर रोहिला, सतबीर धायल, सुनील , जयपाल सिंधु, राजीव मलिक, आनन्द सांगवान, कामरेड सुरेश कुमार दुर्जनपुर, डा करतार सिंह सिवाच, रमेश मिरंका, ईश्वर वर्मा, सरदार कृष्ण पाली, महासिंह सिंधु, हवासिंह संघर्ष, शहीद रामचंद्र खर्ब सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे।

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