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गबदू गैंग के मुखिया की हत्या के बाद गेंगवार खत्म होगा की नहीं !

गेंगवार के चलते निंदाना, फरमाना, सैमण वो रिटोली गांव में हो चुकी हैं अनेक मौतें !




हिसार / रोहतक / तहलका न्यूज




    एक तरफ हरियाणा के अधिकतर जिलों में लोग अमन चैन से रहते हैं, वहीं हरियाणा का ही रोहतक जिले में गैंगवार ने पूरे प्रदेश का क्राइम ग्राफ बढ़ाया हुआ है। रोहतक जिले के निंदाना में गबदू व डीसी गेंग के बीच अनेक खुनी खेल खेले जा चुके हैं और अब तक जारी है। वहीं रिटोली व सैमण गांव में भी गैंगवार पुलिस प्रशासन के लिए सिरदर्द बना हुआ है।‌‌ गबदू व संदीप की हत्या के बाद गांव निंदाना में तनाव को देखते हुए सुरक्षा के पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है।‌





रविवार को हिसार जिले के पुट्ठी गांव में कार सवार रोहतक जिले के गांव निंदाना निवासी संदीप व अमित उर्फ गबदू की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। जिससे गांव निंदाना में चर्चा जोरों से चल रही है कि क्या अमित उर्फ गबदू की मौत के बाद गांव में शांति कायम होगी कि नहीं।‌ क्योंकि गांव में गबदू व डीसी गेंग के बीच आपसी रंजिश के चलते चार युवकों की मौत हो चुकी है। जिनमें से एक युवक नजदीकी गांव फरमाना का रहने वाला था। हालांकि डीसी जेल में बंद है और इनके गुर्गों के बीच कभी गोलियां बरसती हैं तो कभी लाठी डंडों से एक दूसरे पर हमला किया जाता है। जिससे गांव का माहौल लगातार खराब हो रहा है। वहीं इस गैंगवार के चलते माता पिता को अपनी औलाद के भविष्य की चिंता सता रही है कि कहीं उनका लाल भी इस गेंगवार के चक्रव्यूह में ना फंस जाए। 





तीन हत्या निंदाना तो एक फरमाना में की गई है। इससे पहले 27 फरवरी 2021 को गांव के बाहर सुनसान मकान में बैठे पांच युवकों पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी, जिसमें विकास निवासी निंदाना व अंकुश निवासी फरमाना की मौत हो गई थी। सुमित और एक अन्य युवक घायल हो गए थे। रोहतक जिले के महम कस्बे के नजदीकी गांव सैमण में पिछले साल रोहित नाम के युवक की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद अशोक टेलर की हत्या से पूरा क्षेत्र सहम उठा था। पुलिस मुख्य आरोपित विकास उर्फ मटरी को गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि रिटौली गांव में 2022 में ही एक सप्ताह में तीन हत्याएं की जा चुकी हैं। मार्च में पहले सीएससी सेंटर पर बैठे एक युवक की बाइक सवार युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी और जब बदमाश हत्या कर भाग रहे थे तो उनको पकड़ने के लिए जब बुजुर्ग ने हिम्मत दिखाई तो बदमाशों ने पकड़े जाने के डर से उसकी भी हत्या कर दी थी।‌ एक सप्ताह बाद एक बस चालक की हत्या की गई थी। पुलिस रिटौली के एक गैंग के ज्यादातर साथियों को दबोच चुकी है, लेकिन दूसरे गैंग से हिमांशु उर्फ भाऊ पुलिस की गिरफ्त से अब तक बाहर है।

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