स्कूल के गेट पर ताला जड़ ग्रामीणों ने खोली सरकार की पोल से!
चार कक्षाओं के छात्रों का भविष्य एक अध्यापक के सहारे, कैसे होगी बेटियां शिक्षित
जींद : तहलका न्यूज
प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के बड़े बड़े दावे कर रही है, लेकिन सरकारी स्कूलों की दशा इसके विपरित बनी हुई है। सरकारी स्कूलों में कार्यरत अध्यापक व ग्रामीण स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं। आए दिन सरकारी स्कूलों पर ग्रामीणों द्वारा ताले जड़ने की जो घटनाएं सामने आ रही हैं उनके पीछे के कारणों पर नजर डालें तो सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल खड़े कर रही है। बुधवार को जींद जिले के गांव रोहड में ग्रामीणों ने स्कूल के छात्रों के साथ मिलकर गेट पर ताला जड़ दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
गांव रोहड में ग्रामीणों व निवर्तमान सरपंच प्रीतम सिंह और छात्रों ने बताया कि उनके गांव के सरकारी स्कूल को सन् 2019 में अपग्रेड किया गया था और उस समय एक अध्यापक की नियुक्ति की गई थी। जोकि नौंवी से लेकर बाहरवीं कक्षा तक के छात्रों को पढ़ाने के लिए एक ही अध्यापक है, जिसकी वजह से छात्रों की नियमित रूप से पढ़ाई नहीं हो रही। उसके बावजूद भी एक भी अध्यापक को इस स्कूल में नियुक्त नहीं किया गया। जिसके कारण ग्रामीणों और स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों में रोष लगातार बढ़ रहा था। बुधवार को ग्रामीणों और छात्रों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया। इसकी सूचना मिलते ही खंड शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही स्कूल में अध्यापकों को नियुक्त कर दिया जाएगा। उसके बाद ही ग्रामीणों ने स्कूल के गेट पर लगे ताले को खोला।
गांव के निवर्तमान सरपंच प्रीतम सिंह ने बताया कि स्कूल 2019 में अपग्रेड हो चुका है। इसके बावजूद स्कूल में स्टाफ अब तक उपलब्ध नहीं करवाया गया है। गांव में 12वीं तक का स्कूल होने के बाद भी छात्रों को मुआना या सफीदों जाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना लड़कियों करना पड़ रहा है। स्कूल में स्टाफ उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है। उसके बावजूद स्कूल में स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुई।
खंड शिक्षा अधिकारी दलबीर मलिक ने बताया कि स्कूल में स्टाफ की कमी है, जिसके बारें में जिला शिक्षा अधिकारी से बातचीत हो चुकी है। एक जुलाई से स्कूल में पूरे स्टाफ की नियुक्ति कर दी जाएगी। ग्रामीणों को समझाकर ताला खुलवा दिया है।

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