नारनौंद : तीन गांवों के जलघर के नवीनीकरण में करोड़ों रुपए के गड़बड़ी के लगाए आरोप !
दो साल पहले बने कंक्रीट के वाटर टैंक की दीवार गिरी,
कंक्रीट से बने वाटर टैंक की टूटी हुई दीवार।
ग्रामीणों ने ठेकेदार व अधिकारियों पर लगाए घटिया सामग्री प्रयोग करने के आरोप
नारनौंद : सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज
गांव सीसर, खरबला व रोशन खेड़ा के सामूहिक जलघर के नवीनीकरण पर खर्च किए गए करोड़ों रुपए में ग्रामीणों ने गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। दो साल पहले बने एक वाटर टैंक की दीवार गिर गई जिसमें ग्रामीणों ने घटिया सामग्री प्रयोग करने के ठेकेदार व पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों के अनुसार इस गड़बड़ी की शिकायत सीएम विंडो, मुख्यमंत्री व विजिलेंस तक को कर चुके हैं लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच करवाने और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है अन्यथा ग्रामीणों का कहना है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो उनको आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे। इस दौरान ग्रामीणों ने विभाग व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
पूर्व सरपंच रणबीर सिंह ने बताया कि पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने गांव सीसर, खरबला व रोशन खेड़ा के सामूहिक जलघर के नवीनीकरण के लिए करीब सवा 6 करोड रुपए मंजूर करवाए गए थे। लेकिन ठेकेदार और पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों ने मिलीभगत कर आधे से भी कम पैसे उनके जलघर के नवीनीकरण में लगाए गए है। वहीं दो पुराने वाटर टैंक जो पुरानी ईटों से ही बनाए गए थे उनकी रिपेयरिंग कर लीपापोती की गई है। एक कंक्रीट से नया वाटर टैंक बनाया गया जिसकी लागत एक करोड़ 40 लाख रुपये दिखाई गई है जबकि 2 साल में ही एक कंक्रीट की दीवार गिर गई है क्योंकि इसके निर्माण में घटिया सामग्री और कम सरिए लगाए गए हैं जिसकी जांच होनी चाहिए। जिसके कारण ही यह कंक्रीट की दीवार गिरी है। वहीं नए टैंक बनाने के लिए उठाई गई साढ़े 5 लाख रुपये की मिट्टी भी बेची गई है। जलघर से लाखों रुपये के हरे पेडों को काटकर बेचा गया है। पंप हाउस जो कि पहले से ही बना हुआ था उसकी छत बदलकर और उसकी रिपेयरिंग कर 3 लाख 90 हजार रुपये पास करवा लिए हैं। वही जलघर में पानी लाने के लिए जिस नाले का निर्माण किया गया था वह भी अधर में लटका हुआ है और उसकी पूरी पेमेंट ठेकेदार को कर दी है। इस दौरान धर्मपाल शर्मा, जयकुवार, भूप सिंह, महेंद्र, गोपी राम, देवेंद्र शर्मा, जसवंत, रामफल, जयबीर, नानक चंद, बिजेंद्र, बीरबल, आजाद बाल्मीकि, सुभाष, मदन चौहान, सुल्तान, मेहर सिंह, कपूर, पप्पू राठी व पटवारी ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों के द्वारा गड़बड़ी के जो आरोप लगाए गए हैं वह बेबुनियाद है। सीएम विंडो की शिकायत पर मामले की पूरी जांच की जा चुकी है। इस मामले में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है। टैंक की दीवार साथ लगते दो फिल्टरों की दीवार व मिट्टी टैंक की दीवार पर गिरने की वजह से दीवार टूटी है। जिसको जल्द ही ठीक करवा दिया जाएगा।
शशिकांत, एक्शन, पब्लिक हेल्थ हांसी।

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