उदयभान को मिली हरियाणा कांग्रेस की कमान, चाल बनाए कार्यकारी अध्यक्ष !
कांग्रेस ने हरियाणा में बड़ा बदलाव करते हुए उदय भान को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। जितेंद्र भारद्वाज, रामकिशन गुर्जर, श्रुति चौधरी, सुरेश गुप्ता को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं कुमारी शैलजा ने हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर उदय भान और सभी कार्यकारी अध्यक्षों बधाई और शुभकामनांए देते हुए कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी और जनता की आवाज को पुरजोर तरीके से उठाएगी। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ट्वीट करते हए लिखा यह फैसला हरियाणा कांग्रेस संगठन को मजबूती प्रदान करेगा।
दलित परिवार में जन्में उदय भान स्वर्गीय चौधरी गया लाल के पुत्र हैं। उदय भान पलवल जिले के होडल व हसनपुर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके हैं। वहीं उदय भान के पिता स्वर्गीय चौधरी गया लाल भी दो बार विधायक रह चुके हैं। 2019 के विधानसभा चुनाव में उदय भान हार गए थे।
रामकिशन गुर्जर दो बार विधायक रह चुके हैं, रामकिशन गुर्जर को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। गुर्जर की नियुक्ति से उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। वो अंबाला जिले नारायणगढ़ विधानसभा से लगातार दो बार विधायक चुने जा चुके हैं। गुर्जर तत्कालीन कांग्रेस सरकार में मुख्य संसदीय सचिव भी बनाए जा चुके हैं। आत्महत्या से जुड़े एक मामले में सजा होने की वजह से रामकिशन गुर्जर पिछला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ पाए थे। तब कांग्रेस की ओर से उनकी पत्नी शैली चौधरी को नारायणगढ़ से चुनाव मैदान में उतारा था। अब उनकी पत्नी ही नारायणगढ़ से विधायक हैं। कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बनने से पहले रामकिशन गुर्जर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री रही कुमारी सैलजा के राजनैतिक सलाहकार भी हैं। कुमारी सैलजा की सिफारिश पर ही रामकिशन गुर्जर को नई जिम्मेदारी दी गई है। रामकिशन से पहले इनके पिता लाल सिंह भी नारायणगढ़ से विधायक रह चुके हैं। इसके साले भी कालका से मौजूदा विधायक हैं। जून 2009 में पत्रकार पंकज खन्ना आत्महत्या प्रकरण में पूर्व सीपीएच रामकिशन गुर्जर व उसके सहयोगी अजीत अग्रवाल व विजय को चार- चार साल की सजा हो चुकी है। इसी वजह से रामकिशन को काफी दिन तक जेल में रहना पड़ा था।
सरपंच पद से राजनीति में रखा कदम
कांग्रेस के नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश गुप्ता मूल रूप से पानीपत के गांव मतलौडा के मूल रूप से हैं और गांव की ही अनाज मंडी में उनकी आढ़त की दुकान है। सुरेश गुप्ता, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह के खेमों में रहे हैं। सुरेश गुप्ता ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत अपने गांव मतलौडा के सरपंची का चुनाव जीत कर शुरू की थी। वो पानीपत जिला परिषद के भी सदस्य रहे हैं। इसके अलावा गुप्ता कांग्रेस के पानीपत और करनाल के भी जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। सुरेश गुप्ता कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष के पद को भी संभाल चुके है। फिलहाल सुरेश गुप्ता कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला के खेमे के माने जाते हैं। वहीं बता दें सुरेश गुप्ता ने सन् 2009 के विधानसभा चुनाव में करनाल विधानसभा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं और उन्हें मात्र 5500 वोट मिले थे । 2014 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के खिलाफ करनाल विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी दंगल में उतर चुके हैं।
श्रुति चौधरी 2005 से राजनीति में सक्रिय हैं
पूर्व सीएम स्व. बंसीलाल की पौत्री, पूर्व कृषि मंत्री स्व. सुरेंद्र सिंह की बेटी एवं पूर्व सीएलपी नेता किरण चौधरी की बेटी श्रुति चौधरी को कांग्रेस हाईकमान ने कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर पार्टी में सतुंलन साधने की कोशिश की है । आपको बता दें कि श्रुति चौधरी को अपने दादा स्व. बंसीलाल, पिता स्व. सुरेंद्र सिंह व माता किरण चौधरी से सीखी राजनीति का लंबा अनुभव है। उसके पिता स्व. सुरेंद्र सिंह के निधन के बाद वर्ष 2005 में श्रुति चौधरी ने सक्रिय राजनीति मे कदम रखा था। कड़ी मेहनत व दादा व पिता के नाम की बदौलत वर्ष 2009 में भिवानी महेंद्रगढ लोकसभा से चुनाव जीतकर देश की सबसे बड़ी पंचायत में पहुंची थी। उस वक्त संसदीय क्षेत्र में श्रुति चौधरी ने जबरदस्त विकास कार्य करवाए। परंतु वर्ष 2014 व 2019 में हुए आम चुनाव में वो भिवानी महेंद्रगढ़ संसदीय क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन नहीं कर पाई। लोगों के हर दुख व सुख में जनता के बीच रहना इनका खासियत है।

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