छात्र ने कोरोना टीका लगाने से स्कूल में किया मना, कारण जानकर हैरान रह जाएंगे !
हिसार के गांव लाडवा के छात्र ने वैक्सीनेशन करवाने से किया मना
हिसार - सुनील कोहाड़ /तहलका न्यूज
कोरोना की तीसरी लहर की आहट लगातार सुनी जा रही है और ओमीक्रान का खतरा भी बढ़ता ही जा रहा है। इसके दुष्प्रभाव का असर बच्चों पर ना हो, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीन जनवरी को 15-18 वर्ष के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की थी और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तीन जनवरी से स्कूलों में जाकर इस आयु वर्ग के छात्रों को वेक्सिनेशन कर रहे हैं। अभियान के एक सप्ताह बाद हिसार से एक चौंकाने वाली बात सामने आ रही है कि एक छात्र ने वैक्सीन लेने से मना कर दिया। छात्र ने ये कहकर मना किया कि वो और उसका परिवार आयुर्वेदिक उपचार करवाते हैं। इसलिए वो वैक्सिनेशन नहीं करवा सकता।
छात्र ने आरटीआई का हवाला देते हुए स्कूल के प्रिंसिपल को लिखे पत्र में कहा कि कोविड के लिए वैक्सीनेशन करवाने के लिए किसी को बाध्य नहीं किया जा सकता, वो लोगों की स्वेच्छा पर निर्भर करता है। इसलिए वैक्सीनेशन ना लेने वालों को सरकारी व गैर सरकारी सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जा सकता। इसलिए वो वैक्सिनेशन नहीं करवाएगा।
गांव लाडवा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के नौंवी कक्षा के छात्र साहिल स्कूल में आयोजित वैक्सीनेशन ना लेने के लिए स्कूल के प्रिंसिपल को पत्र लिखकर कहा कि उनका परिवार होम्योपैथिक की चिकित्सा लेते हैं और कोरोना वैक्सीनेशन ऐलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत आती है। जिसके कारण वो कोरोना वैक्सीनेशन का टीकाकरण नहीं करवाएगा।
लाडवा गांव के सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल अश्विनी काठयाल से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि वैक्सीनेशन के लिए किसी भी छात्र पर दबाव नहीं है। काफी छात्र अपनी मर्जी से वैक्सीनेशन करवा रहे हैं और कुछ छात्र इसको नहीं लगवा रहे हैं। वैक्सीनेशन करवाने के लिए किसी भी तरह की जोर जबरदस्ती नहीं की गई है।

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