मौसम के बाद सरकारी तंत्र की मार, फसल की बिजाई से एक सप्ताह पहले दिखाया खराबा, आप भी पढ़ लें खबर कहीं आपके साथ भी तो नहीं हो रहा है ऐसा
मौसम के बाद धरती पुत्रों पर अधिकारियों की लापरवाही की मार
फसल बीमा में बिजाई से पहले दिखाया नुकसान
बीमा लेने के लिए दर दर की ठोकरें खा रहे हैं किसान
फतेहाबाद : सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज
किसानों की मुश्किलें कम होने का जिंदगी भर नाम लेती हुई नजर नहीं आ रही। उन पर कभी मौसम की मार तो कभी सरकारी तंत्र की मार पड़ती रहती है। कड़ाके की सर्दी में किसानों को यूरिया खाद व डीएसपी के लिए रातों को भी लाईनों में खड़े हुए हम सबने देखा है। लेकिन उन्हें न तो समय पर बिजली मिलती है और ना ही बीज, खाद और कीटनाशक दवा मिलती है। सिरसा में तो गेहूं की बिजाई के समय धड़ेले से मुनाफाखोरों ने भोले भाले किसानों को नकल डीएपी ही दे दिया। जिसके लिए किसान आज तक कार्यवाही के लिए पुलिस के चक्कर काट रहे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्लेम लेने के लिए भी मार झेल रहे हैं। फसल के नुकसान की आकलन रिपोर्ट बनाने में कृषि विभाग से लेकर बीमा कंपनियों अधिकारियों तक ने अंधेरगर्दी मचाई हुई है। भूना खंड के गांव जांडली कलां के एक किसान के खेत की रिपोर्ट भरते समय तो अजीब कारनामा किया हुआ पाया गया है। किसान दयानंद ने फसल की बिजाई 30 अप्रैल को की थी, लेकिन आकलन रिपोर्ट में नुकसान 23 अप्रैल को ही दिखा दिया।
किसान दयानंद ने पांच हेक्टेयर पर फसल बीमा करवाया हुआ था। जबकि विभाग ने तीन हेक्टेयर जमीन में जलभराव से 40 प्रतिशत फसल में ही खराबी दर्शाई हुई है।
इसको लेकर बृहस्पतिवार को जांडली कलां के किसानों ने एसडीएम राजेश कुमार को एक ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही करने की मांग की।
किसान दयानंद, सुनील, धर्मबीर, मनजीत, नरेश, कुलदीप, सुरेश कुमार, सतबीर सिंह, नरेश कुमार, प्रवीन व जोगीराम, अभेराम, रामकुमार, राजेश इत्यादि ने आरोप लगाते हुए बताया कि कृषि अधिकारियों ने बीमा कंपनी के साथ मिलकर किसानों के साथ धोखा किया है। खरीफ फसल 2021 के लिए किसानों ने प्रशासन को जलभराव के कारण खराब हुई फसल के बारे में अवगत करवाया गया था।
जिसके बाद कृषि विभाग के अधिकारी खराब फसल का आकलन करने के लिए गांव में पहुंचे। खेत मालिक को बिना सूचना दिए ही उनके खेत में खराब फसल का ब्योरा तैयार कर लिया। किसानों की फसल 90 फीसदी तक खराब हो चुकी थी। लेकिन अधिकारियों ने ये कह दिया कि फार्म में 90 प्रतिशत फसल खराबा दिखाया तो फार्म रद्द हो जाएगा। इसलिए फार्म में 75 प्रतिशत फसल खराब दिखा दी। किसानों ने अपनी खराब फसल के फार्म का डाटा विभाग से निकलवाया तो पता चला कि अधिकारियों ने उनके खेतों में सिर्फ 20 प्रतिशत ही फसल में खराबा दिखाया गया है।
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फर्जी हस्ताक्षर तो किसी का लगाया फर्जी अंगूठा
किसान सुनील, कुलदीप व धर्मबीर ने बताया कि कृषि अधिकारियों ने फार्म पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए हुए हैं। उनके हस्ताक्षर जो विभाग के पास मिले हैं, उनसे मैच ही नहीं हो रहे हैं। बैंक में जो हस्ताक्षर दूसरी तरह किए हुए हैं। धर्मबीर ने बताया कि विभाग के पास मिले उसके फार्म में अंगूठा लगा हुआ है, जोकि पेंसिल से लगाया गया है।
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फसल की बिजाई से एक सप्ताह ही पहले नुकसान दिखाया गया है, जोकि गलत है। ऐसा हो सकता है कि लिखने में गलत हो गई हो। इसकी जांच की जाएगी, इस मामले में कहीं लापरवाही की हुई मिली तो कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
राजेश सिहाग उप कृषि अधिकारी
मेरे पास किसानों की शिकायत आई है। जांच के लिए किसानों से थोड़ा समय मांगा गया है। जांच में जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

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