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नियत और नीति साफ हो तो बड़ी से बड़ी जंग भी आसानी से जीता जा सकती है - अभिमन्यु कोहाड़

 नियत और नीति साफ हो तो बड़ी से बड़ी जंग भी आसानी से जीता जा सकती है - अभिमन्यु कोहाड़



अभी तो एक आंदोलन जीता है आगे बहुत सारे आंदोलन जीतने बाकि हैं

नारनौंद . तहसलका न्यूज 

तीनों कृशि कानूनों के खिलाफ जंग में छतीस बिरादरी का तो योगदान था ही साथ में इस आंदोलन में हर घर के छोटे भगत सिंह ने भी अपना योगदान दिया और इस आंदोलन को लेकर लोगों की नियत और नीति दोनों ही सही दिषा में रही। जिसकी बदौलत सरकार को घूटने टेकने पर मजबूर होना पड़ा। उक्त बातें युवा किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने नारनौंद की जाट धर्मषाला में किसान सम्मान समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए कहे। इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया और किसानों को किसान नेताओं द्वारा सम्मानित किया गया। 



अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि कृशि कानूनों को लेकर छतीस बिरादरी का ही भाईचारा मजबूत नहीं हुआ बल्कि हिन्दू मुस्लिम का जो जहर राजनेताओं ने हमारे अंदर भर रखा था आज वो भी धुलकर साफ हो चुका है। अब न तो किसी जाति के लोग और ना ही किसी धर्म के लोग राजनेताओं के बहकावे में आकर अपने भाईचारे में दरार आने दंगे।




 बल्कि किसान ही नहीं, मजदूर, छोटे व्यापारी, गरीब तबके के सब लोग एक जुट होकर सरकार की जनविरोधी नितियों के खिलाफ आवाज को बुलंद  करते हुए एक ही बैनर के नीचे आंदोलन का बिगुल बजाते रहेंगे। किसान आंदोलन को कमजोर करने के लिए भाजपा व आरएसएस ने अनेक औछी हरकतें कि ताकि ये आंदोलन बदनाम हो जाए और किसान घर चले जाएं। लेकिन हमारी एक जुटता के आगे इनकी एक नहीं चली और आखिरकर मजबूर होकर कानून वापिस लेने पड़े।





kisan andolan

टोल के नाम पर लूटा जा रहा है गुंडा टैक्स - रवि आजाद

गुंडा टैक्स के खिलाफ भी आंदेालन लड़ना होगा - रवि आजाद



नारनौंद / तहलका न्यूज- thalkanews.com

किसान नेता रवि आजाद ने कहा कि किसान आंदोलन को सरकार हलके में ले रही थी। लेकिन आखिर तक हमारे भाईचारे को तौड़ने की भरपूर कोषिषें की गई। परंतु हमारे बीच दरार पैदा करने में नाकाम रही। क्योंकि ये आंदोलन अकेले न तो किसानों का था और ना ही किसी धर्मजात का था। इस आंदोलन को सभी जातियों और सभी धर्मो के लोग जीन जान से लड़ रहे थे। 






उन्होंने कहा कि जब हम गाड़ी लेते हैं तो रोड़ टेक्स जमा करवाया जाता है। परंतु जगह जगह टोल नाके लगाकर टोल टेक्स वसूला जा रहा है। ये टोल टैक्स नहीं बल्कि गुंडा टेक्स है। इसको अब लोग किसी भी सुरत में सहन नहीं करेंगें। 







आज अनेक टोल नाकों पर दौबारा से लोग बैठ गए हैं और टोल टेक्स के नाम पर गुंडा टेक्स वसूली के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बच चुका है। आम लोगों की भलाई राजनीति में आने से नहीं होगी। बल्कि इसके लिए हर सरकार के खिलाफ आंदोलन करने से लोगों के हकों की रक्षा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि नारनौंद की धरती पर जो मान सम्मान की पगड़ी उनको पहनाई गई है आखिरी सांस तक उसकी लाज रखने के लिए अपने खून का एक एक कतरा बहा देंगा। लेकिन लोगों के हकों के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।




इस दौरान अनेक किसानों व महिला किसानों सहित किसान आंदोलन के लिए सुबह उठकर दूध लस्स्ी ईक्टठा करने वाले छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गो सहित तहलका न्यूज, सच कहं व दैनिक सवेरा के पत्रकार सुनील कोहाड़ को भी ईमानदारी से पत्रकारिता करने पर सम्मानित किया गया। जिसका सुनील कोहाड़ किसानों का हमेषा आभारी रहेगा। 



बुजुर्गो ने किया था जंग का ऐलान, जवानों ने राजनेताओं को दिखाई उनकी औकात - जोगेन्द्र नैन




राजनीतिक लोग सता के लालच के लिए अनेक वायदे कर देते हैं लेकिन सता में आते ही वो अपनी तिजौेिरयों को भरने लग जाते हैं और किसान, गरीब व मजदूर के हकों की बातों को भूलकर ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। उक्त षब्द भारतीय किसान यूनियन के प्रधान जोगेन्द्र घासी राम नैन ने किसानों को संबोधित करते हुए कहे।



 उन्हांेने कहा कि गरीब, मजदूर व किसानों के हकों की आवाज उनके पिता घासी राम नैन के समय से अनेक सरकारों के साथ लड़ते आए हैं और अब तो नौजवान युवा भी किसान आंदोलन में ट्रैंड हो चुके हैं और वो सरकारों की गलत नितियों के आगे घूटने टेकने की बजाय हकों की लड़ाई लड़ेंगे। 




ये रहे मौजूद

इस अवसर पर कामरेड इन्द्रजीत, जंगजीत सिंह दलेवाल, जोगिन्द्र सिंह नैन, रवि आजाद, अमित सांगवान वकील, संजय मलिक कजारिया टाईल्स, दादरी से विधायक एवं सांगवान खाप के प्रधान सोमबीर सिंह सांगवान, उमेद लोहान, सुषील खर्ब उगालन,  सतबीर पहलवान खटकड़ टोल, कैप्टन भूपेन्द्र, सुबेदार रणबीर मलिक रामायण टोल, कुलदीप खरड़, विषाल लोहान, पूनम रेढ़ू,




 कविता सरपंच, डॉक्टर सिक्कम ष्योकंदए गुडृडी नियाणा, सुदेष गोयत, सुदेष कंडेला वाली ताई, अजीत धनाना, राजकुमार तालू, नरेन्द्र ब्याना खेड़ा, बजेसिंह लोहान, बलवान लोहान, योगेन्द्र मास्टर, रणदीप लोहान,  विनोद जंगी, सुनील सिंहमार, धर्मबीर, षीलू लोहान, रमेष लोहान, सोनू मोनू लोहान, निर्मला ढढेरी, मास्टर सतबीर, प्रदीप लोहान, ओमप्रकाष लोहान इत्यादि मौजूद रहे और किसानों को सम्मानित किया।





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