प्राइवेट स्कूलों की अवैध फीस वसूली से अभिभावक परेशान
एसएलसी को ढाल बनाकर अभिभावकों से अवैध फीस वसूल रहे हैं निजी स्कूल
नारनौंद : निजी स्कूल से अगर कोई छात्र किसी दूसरे स्कूल में दाखिला लेता है। तो एसएलसी के नाम पर वह स्कूल फीस के नाम पर हजारों रुपए की रसीद काटकर अभिभावकों के सामने रख देते हैं और जब तक फीस नहीं अदा की जाती तब तक तब तक वह एसएलसी नहीं देते। ऐसा ही एक मामला उदलदेव ग्रुप के स्कूल बाल भारती पब्लिक स्कूल भकलाना में सामने आया है। अभिभावकों ने इस शिकायत प्रशासन व प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी की है। अधिकारियों ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए एक कमेटी बनाकर जांच शुरू कर दी है।
गांव खांडा खेड़ी निवासी मोहित ने बताया कि उसका लड़का निखिल व भतीजा अयान दूसरी कक्षा में गांव भकलाना के
बाल भारती पब्लिक स्कूल में पढ़ते थे अब उनका 134 ए के तहत दाखिला किसी दूसरे स्कूल में हो गया है। जब वह एसएलसी लेने के लिए स्कूल में पहुंचा तो वहां पर स्कूल की प्रिंसिपल ने हजारों रुपए की रसीद थमा दी। जबकि हमने नवंबर 2021 में दोनों छात्रों की स्कूल की पूरी फीस अदा कर दी थी। अब वह पिछले साल कोरोना काल के समय की फीस हमसे वसूल रहे हैं। क्योंकि अब हमारे बच्चे उस स्कूल में नहीं पढ़ते तो वह अवैध तरीके से फीस वसूल रहे हैं। साथ ही एसएलसी देने से भी मना कर रहे हैं कि जब तक फीस जमा नहीं होगी तब तक तुम को एसएससी नहीं दी जाएगी। जबकि 31 दिसंबर के बाद हमारे बच्चों के दाखिले 134 ए के तहत नहीं हो पाएंगे। इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री व प्रशासन के अधिकारियों से भी शिकायत की है।
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इस संबंध में एसडीमएम विकास यादव ने बताया कि इसके लिए एक कमेटी गठित की गई है। जिसमें खंड शिक्षा अधिकारी, नायब तहसीलदार को नियुक्त किया गया है वह स्कूल में जाकर पूरे मामले की जांच करेंगे।
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इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी अमनदीप से बातचीत की गई. उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग की तरफ से कोरोना काल में फीस वसूलने के कोई आदेश हमारे पास नहीं है। अगर स्कूलों के पास कोई आदेश है तो हम उनको देखेंगे और पूरे मामले की जांच करने के बाद ही सारी बातें स्पष्ट हो पाएगी।
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इस संबंध में बाल भारती पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल गीता से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि कोई भी अवैध तरीके से फीस नहीं वसूली जा रही। कोरोना काल के समय जो ऑनलाइन कक्षा लगाई गई थी उसी के अनुसार फीस ली जा रही है। हमारे ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं। वह गलत है।

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