Big breaking- बेड़ियों में किसान, नेताओं में नहीं बनी सहमति !
बेड़ियों में कैद किसान, पहले गोरों के अब आए काले अंग्रेज़ की कैद
सिंधु बार्डर से लाईव - तहलका न्यूज, सुनील कोहाड़ वह सुनील मान की स्पेशल रिपोर्ट
किसान आंदोलन को लेकर चार दिसंबर का दिन अंतिम दिन माना जा रहा था कि संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में फैसला लिया जाएगा कि अब आंदोलन समाप्त हो गया है और सब किसान जीत का जश्न मनाते हुए भंगड़े पे नाचते अपने अपने घरों को लौट जाएंगे। संयुक्त किसान मोर्चा भी यही फैसला लेने वाला था कि बाहर खड़े किसानों ने ऐलान कर दिया कि किसान नेताओं का कोई भी फैसला चाहे जो भी हो, लेकिन वो एम एस पी पर कानून बनाए जाने व आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मामले निरस्त करवाए बिना और जिन किसानों ने आंदोलन में शहादत दी है उनको न्याय दिए बिना यहां से नहीं हिलेंगे। जिसकी वजह से संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। हालांकि संयुक्त किसान मोर्चा के नेता इस बैठक में दो फाड़ जरुर दिखाई दिए। कुछ नेता आंदोलन को खत्म करने के हित में थे तो अधिकतर किसान नेता इसके विपरित दिखाई दिए।
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किसान नेता रवि आजाद ने कहा कि सरकार से किसानों की मांगों को लेकर सरकार से बातचीत के लिए पांच सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। अब संयुक्त किसान मोर्चा की अगली बै 7 दिसंबर को होगी। जिसमें आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

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