कड़ी तपस्या के बाद किसानों को मिलेगी बेड़ियों से मुक्ति
किसान आंदोलन: इस मसौदे पर आज होगा घर वापसी का ऐलान
378 दिन चला किसान आंदोलन, आजाद भारत का सबसे बड़ा आंदोलन
किसान नेता रवि आजाद का ब्यान सुनने के लिए यहां पर क्लिक करें
दिल्ली - तहलका न्यूज ( सुनील कोहाड़)
आजाद भारत में सबसे लंबा चला किसान आंदोलन 378 वें दिन घर वापसी की उम्मीद जगी है। सरकार द्वारा भेजे गए ड्राफ्ट पर संयुक्त किसान मोर्चा ने भी अपनी मोहर लगा दी है। घर वापसी का ऐलान बुधवार को ही कर देते। परंतु तमिलनाडु में हुए सेना के हेलीकॉप्टर क्रैश में सीडीएस चीफ जनरल बिपिन रावत सहित जवानों के शहीद होने के कारण व सरकार की तरफ से अधिकारिक पत्र मिलने के बाद गुरुवार को घर वापसी का ऐलान किया जाएगा।
एम एस पी की कमेटी में शामिल होंगे SKM के किसान
किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि एम एस पी पर जो कमेटी गठित होगी उसमें संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं को शामिल किया जाएगा। इस पर सरकार ने अपनी रजामंदी दे दी है। जिसे केंद्र सरकार ने MSP कमेटी में सिर्फ मोर्चे के नेताओं को रखने की बात को मान लिया है।
दर्ज मामले राज्य सरकारें लेंगी वापसी
किसान नेता रवि आजाद ने बताया कि हरियाणा सरकार ने आंदोलन में जान गंवाने वाले किसान परिवारों को मुआवजा देने और केस वापसी पर अपनी रजामंदी दे दी है। हरियाणा सरकार किसानों को मुआवजे के तौर पर 5 लाख की मदद और केस वापस लेने की सहमति बन गई है। केंद्र ने भी सभी केस वापस लेने पर सहमति दे दी है।
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पराली जलाने व किसानों को किफायती दर पर बिजली मिले
किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि पराली जलाने पर जुर्माना लगाने के प्रावधान को हटाने और बिजली विधेयक में किसानों को किफायती दर पर बिजली मिले। इस पर चर्चा करने के लिए कमेटी गठित की जाएगी।
सरकार की तरफ से अधिकारिक तौर पर पत्र मिलते ही ऐलान
किसान नेता गुरनाम सिंह चढुनी ने बताया कि सात दिसंबर को सरकार ने जो ड्राफ्ट भेजा था। उसमें काफी खामियां थीं तो संयुक्त किसान मोर्चा ने उस पर आपत्ति जताई। एसकेएम ने उसमें कुछ सुधारों की मांग कर लौटा दिया था। आज जो ड्राफ्ट आया है, उसको लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की सहमति बन गई है। अब सरकार उस ड्राफ्ट पर हमें अधिकारिक चिट्ठी भेजेगी। इसी पर सबकी सहमति बनी है। जैसे ही चिट्ठी आएगी, उस पर कल मीटिंग कर फैसला ले लिया जाएगा। इसके लिए 12 बजे मीटिंग बुला ली है। जिसमें अंतिम फैसला लिया जाएगा।
राज्य सरकार देंगी मुआवजा
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि बुधवार को सरकार की तरफ से आए प्रस्ताव पर सब एकमत हैं। जिसमें सरकार की तरफ से साफ किया गया है कि केस वापसी राज्य सरकारें ले लेंगी और आंदोलन में शहादत देने वाले किसानों के आश्रितों को पांच पांच लाख रुपए का मुआवजा भी राज्य सरकार देंगी। जैसे ही सरकार की तरफ से अधिकारिक तौर पर लेटर जारी कर संयुक्त किसान मोर्चा के पास आएगा। उसके लिए गुरुवार 12 मीटिंग कर घर वापसी का औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।
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ये आया नया प्रस्ताव
MSP के लिए गठित होने वाली कमेटी में केंद्र सरकार और संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधि होंगे। कमेटी 3 महीने के भीतर रिपोर्ट देगी। जो किसानों को MSP किस तरह मिले, यह सुनिश्चित करेगी। वर्तमान में जो राज्य जिस फसल पर MSP पर जितनी खरीद कर रही है, वो जारी रहेगी।
सभी केस तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएंगे। UP, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा सरकार ने इसके लिए सहमति दे दी है।
केंद्र सरकार, रेलवे और अन्य केंद्रशासित प्रदेशों की तरफ से दर्ज केस भी तत्काल वापस लिए जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार राज्यों से अपील करेगी।
हरियाणा और उत्तर प्रदेश ने पंजाब की तरह मुआवजा देने पर सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है।
बिजली बिल पर किसानों पर असर डालने वाले प्रावधानों पर संयुक्त किसान मोर्चा से चर्चा होगी। उससे पहले इसे संसद में पेश नहीं किया जाएगा।
पराली के मुद्दे पर केंद्र सरकार के कानून की धारा 15 में जुर्माने के प्रावधान से किसान मुक्त करने पर हामी भर दी है।
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