सतरोल खाप ने आंदोलन फतेह कर घर वापसी कर रहे किसानों का किया जोरदार स्वागत
शाह सतनाम प्रेमपुरा धाम पर सबने चखा लंगर, डेरा प्रेमियों ने खाप के लोगों के साथ मिलकर की किसानों की आवभगत
गढ़ी - तहलका न्यूज ( सुनील कोहाड़ )
पिछले 380 दिनों से दिल्ली के बार्डरों पर आंदोलन कर रहे किसान घर वापसी कर रहे थे तो जगह जगह उनका जोरदार स्वागत किया गया। सतरोल खाप के लोगों ने गढ़ी स्थिति डेरा सच्चा सौदा के शाह सतनाम प्रेमपुरा धाम के सामने पुष्प वर्षा कर उनका ढ़ोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। जिसमें खाप के लोगों के साथ मिलकर डेरा प्रेमियों ने लंगर चखाया।
नम आंखों से किया किसानों का स्वागत
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सतरोल खाप के प्रमुख समाजसेवी विरेन्द्र दून, बलराम पेटवाड़, प्रदीप भावी सरपंच, निर्मल सिंह गुड्डू, धर्मपाल, बलवान लोहान, सुनील सिंहमार, राजेश उर्फ बिल्लू, भावी जिला पार्षद मुकेश लोहान, शीलू लोहान, सुनील दलाल इत्यादि ने बताया कि हमारे किसान मजदूर भाई पिछले एक साल से ज्यादा समय से तानाशाह से अपने हकों की लड़ाई लड़ रहे थे और आज तानाशाह का घमंड चकनाचूर कर जीत कर घर आ रहे हैं।
भूना क्षेत्र के गांव के किसानों का स्वागत करते हुए
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार इस भ्रम में ना रहे कि अब किसान अपना आंदोलन खत्म कर घर वापसी कर चुके हैं और सरकार को मनमानी करने देंगे। उन्होंने कहा कि सेना में भी ट्रैनिंग नो महीने की होती है।
Video kisan
परंतु किसान मजदूर तो 14 महीने से ज्यादा ट्रैनिंग लेकर बहुत ज्यादा ट्रैंड हो चुके हैं। अब वो किसी भी राजनीतिक पार्टी के बहकावे में आकर अपने भाईचारे में दौड़ारा से दरार नहीं पड़ने देंगे।
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सतरोल खाप के प्रवक्ता धर्मपाल बडाला व मास्टर फुल कुमार पेटवाड़ ने कहा कि ये आंदोलन तानाशाही, पूंजीपतियों और सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ था। एक तरफ जीत की खुशी है तो सात सौ से अधिक किसान भाइयों को खोने का ग़म भी है। मोदी सरकार को पता नहीं था कि किसान सांप की ही नहीं अजगर की मुंडी पकड़कर रगड़वाना अच्छे से जानते हैं। समय चाहे कितना भी लग जाए, किसान, मजदूर काम को निपटा कर ही दम लेते हैं।

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