स्वतंत्रता दिवस स्पेशल पेज


 

Breaking News

खाप पंचायतें- मोदी सरकार के खिलाफ भरेंगी हुंकार, 23 को जींद महापंचायत में होगा ऐलान

 लड़कियों की शादी की उम्र 21 करने से खापें नाराज, 23 को जींद में करेंगे महापंचायत

जींद की जाट धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते खाप प्रतिनिधि।

जींद - सुनील कोहाड़

     भले ही किसान आन्दोलन की अगुवाई किसान संगठनो ने की हो। लेकिन इसमें खाप पंचायतों का भी अहम रोल रहा है। खाप पंचायतें एक बार फिर से केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक सकती हैं। अब मसला किसानों का नहीं है और ना ही जाटों का है। इस बार का मुद्दा छत्तीस बिरादरी के हर व्यक्ति से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। मामला है लड़कियों की शादी की उम्र 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष करने का।‌‌‌‌‌‌‌‌‌ जिसका सीधा असर गरीब तबके के लोगों  पड़ा है। इसी को लेकर सर्व जातिय खापों की महापंचायत का आयोजन 23 दिसंबर को जींद में किया जा रहा है। जिसमें इस मुद्दे पर मंथन किया जाएगा और लोगों से भी विचार विमर्श किया जाएगा।

        केंद्र सरकार द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लड़कियों की शादी की उम्र 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष करने से हरियाणा की खाप पंचायतें खफा हैं। खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार अब तक बाल विवाह व दहेज प्रथा पर तो अंकुश लगाने में पूरी तरह से फैल साबित हुई है और अब लड़कियों की शादी की उम्र में बढ़ोतरी करके गरीब तबके के लोगों के सपनों से खिलवाड़ करने का काम किया है। क्योंकि गरीब तबके के लोग लड़कियों की उम्र 15 होने पर ही शादी करने के सपने देखने लगते हैं और बड़ी मुश्किल से 18 वर्ष की होने का इंतजार करते हैं। अब सरकार ने हिन्दू मैरिज एक्ट में संशोधन करके करोड़ों लोगों के सपनों से खिलवाड़ करने का काम किया है। सरकार के इस फैसले को लेकर जींद में हरियाणा की सभी खापों की एक पंचायत का आयोजन करके सरकार के इस पर फैसला किया जाएगा।

एक गौत्र एक गांव में शादी के खिलाफ पहले ही लांब बंद हैं खापें,  डाक्टर भी नाराज


एक ही गांव व एक ही गौत्र में शादी करने से मानव जीवन पाशु

लड़।र अनेक दुष्प्रभाव पड़ते हैं और उनसे होने वाली संतान का जीवन भी स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों से जूझते हुए गुजारता है। इसको लेकर डाक्टरों द्वारा पहले ही विरोध किया जाता रहा है। डाक्टरों के अलावा सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी इसको समाज के लिए खतरा बताया था। 


मजबूरन 15-16 साल की आयु में भी करनी पड़ जाती है शादी


सर्व जातिय खाप के टेकराम कंडेला ने कहा कि  काफी बार देखने में आता है कि घरेलू परिस्थितियों को देखते हुए शादी मजबूरन 15-16 वर्ष की आयु में ही करनी पड़ जाती है। इसमें मुख्य रूप से माता पिता का बिमार रहना व मौत होना भी हो सकता है और काफी दंपति को संतान प्राप्ति बुढ़ापे में होती है तो उनकी देख-रेख करने के लिए और वो अपने जीते जी बच्चों की शादी कर दें। इत्यादि मजबूरियों की वजह से शादी करना मजबूरी होती है। क्योंकि हमारे समाज में लड़के लड़कियों की शादी के लिए रिस्ते तय परिवार की सहमति से ही होते हैं। ताकि घर में संस्कारों की झलक देखने को मिलती रहे।


भाईचारा खराब होने का बढ़ेगा खतरा


पंचायतों का माना है कि एक ही गांव में शादी होगी तो भाईचारा बिगड़ेगा और विवाद भी बढ़ेगा। अगर आसपास के गांव में भी शादी होगी तो आपसी झगड़ा बढ़ेगा जोकि सामाजिक ताने-बाने के लिए खतरा होगा। इसलिए

सबसे पहले समाज व आपस में भाईचारे को कायम रखना जरूरी है। इसके लिए 23 दिसंबर को 36 बिरदारी की पंचायत होगी। इसमें हर जाति की पंचायतें शामिल होंगे। जिसका संचालन ढांडा खाप के महासचिव देवव्रत ढांडा करेंगे। 23 दिसंबर को सभी खाप पंचायतों की बैठक में ही ठोस निर्णय लिया जाएगा।


बाक्स

सर्वजातीय सर्वखाप के राष्ट्रीय संयोजक टेकराम कंडेला, जाट धर्मशाला के प्रधान व ढांडा खाप के देवव्रत ढा़ड़ा और संदीप भारती ने सोमवार को अर्बन एस्टेट की जाट धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में केंद्र के फैसले को समाज विरोधी बताया। ढांडा खाप के देवव्रत ढांडा ने कहा कि इसमें सबसे पहला मुद्दा हिंदू मैरिज एक्ट को बदलाव करने का है।


सीएम मनोहर लाल खट्टर के साथ भी बैठक हुई थी, जिसमें माना गया था कि एक गोत्र एक गांव में शादी करना ठीक नहीं है। इसमें बदलाव की जरूरत है। ऐसा करने से आपसी भाईचारा बिगड़ता है। ऑनर किलिंग का आरोप भी खाप पंचायतों पर लगाया जाता है, जबकि खाप पंचायतें ऑनर किलिंग का हमेशा विरोध  करती रही हैं।

कोई टिप्पणी नहीं

Thanks

Home; | DMCA; | Disclaimer; | Privacy Policy; | About Us; | Contact Us; |