Will the law on MSP be made in this session along with repeal of agriculture law?
क्या कृषि कानून निरस्त के साथ ही एमएसपी पर इसी सत्र में बनेगा कानून?
दिल्ली : तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की प्रक्रिया का प्रारुप तैयार कर लिया गया है। बस पीएमओ से मंजूरी मिलने की देरी है। वहीं किसानों द्वारा एम एस पी को भी कानूनी आलिजामा इसी सत्र में पहनाया जा सकता है । इसकी भी रुप रेखा तैयार की जा रही है।
एमएसपी पर कानून की प्रक्रिया शुरू!
तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों को वापस लेने के लिए सरकार ने एक विधेयक तैयार करना शुरू कर दिया है। अलग-अलग तीन विधेयकों के बदले एक ही विधेयक से तीनों क़ानूनों को निरस्त कर दिया जाएगा। इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से मंजूरी मिलने का इंतजार किया जा रहा है। समझा जाता है कि इस विधेयक को शीतकालीन सत्र की शुरुआत में ही पेश किया जा सकता है। इस विधेयक में यह प्रावधान किया जाएगा कि तीन कृषि क़ानूनों की वजह से जो बोर्ड वगैरह बनाए गए, वे बंद कर दिए जाएं। उनके द्वारा लिए गए सभी निर्णय अपने आप निरस्त हो जाएंगे।
इसके अलावा इन कृषि क़ानूनों की वजह से यदि किसी पद का सृजन किया गया होगा तो वह भी ख़त्म हो जाएगा। कुछ राज्य सरकारों ने कहा था कि वे छह महीने की इस अवधि में कुछ फैसले कर रहे थे, वे अब ऐसा नहीं कर पाएंगी। कृषि मंत्रालय इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर एक अलग विधेयक बना सकता है।किसान एमएसपी पर कानूनी गारंटी की भी मांग रहे हैं। अब कृषि मंत्रालय को देखना है कि क्या दिशानिर्देशों या सांविधिक तौर पर यह गारंटी दी जा सकती है या उसके लिए अलग विधेयक लाना होगा।

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