पूर्व सीएम हुड्डा के गढ़ में सेंध लगाने की फिराक में दुष्यंत चौटाला
पूर्व सीएम हुड्डा के गढ़ में सेंध लगाने की फिराक में दुष्यंत चौटाला
रोहतक - तहलका न्यूज (सुनील कोहाड़)
रोहतक, झज्जर और सोनीपत जिले की विधानसभा सीटों पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है। लेकिन इनेलो से अलग हुई जजपा अपनी तीसरी वर्षगांठ झज्जर में मनाने जा रही है। रैली की तैयारियों को लेकर जजपा महासचिव दिग्विजय चौटाला और कार्यकर्ता कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते और दिन रात पसीना बहा रहे हैं।
रैली को कामयाब बनाने में किसान आंदोलन है बड़ी चुनौती
पिछले एक साल से किसान दिल्ली के बार्डरों पर डटे हुए हैं और कृषि कानूनों सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन का मुख्य केंद्र झज्जर, रोहतक, सोनीपत और जींद जिले में ही अधिक सक्रिय तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में रैली में भीड़ जुटाना जजपा नेताओं के लिए बड़ी चुनौती होगी।
किसान आंदोलन के कारण डिप्टी मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला सहित जजपा भाजपा नेताओं को हर मोड़ पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। तो दुष्यंत चौटाला के खिलाफ उनके खुद के हल्के में भी भारी विरोध देखने को मिल रहा है। ऐसे में जजपा नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के किले में सेंध लगाने को लेकर भी देखा जा रहा है। अब ये तो समय ही बताएगा कि डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला इस सेंध मारी करने में सफल होते हैं या फिर हुड्डा अपने किले को ढ़ेर होने से बचा पाते हैं। इससे हुड्डा खेमें की भी चिंता बढ़ गई है
जींद की उचाना विधानसभा सीट से दुष्यंत चौटाला विधायक चुने गए थे और उनके सहित जींद की तीन सीटों से जजपा उम्मीदवार
पहली बार जीत कर विधानसभा पहुंचे थे। जजपा ने पहली बार अपने दमखम पर 10 सीटों पर जीत हासिल की थी और करीबन दो दर्जन सीटों पर कड़े मुकाबले में हार गई थी। पिछले दो सालों से जजपा भाजपा की सहयोगी पार्टी बनकर प्रदेश की सत्ता पर काबिज है।


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