पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने थामा टीएमसी का दामन
दिल्ली- चुनाव के मौसम में तो हम सबने राजनेताओं में भगदड़ मचते सरेआम देखा कि टिकट न मिलने के कारण वो तुरंत ही पार्टी बदल लेते हैं। लेकिन फिलहाल प्रदेश में ना ही कोई चुनाव नजदीक है और ना ही टिकटों का बंटवारा हो रहा है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद रहे अशोक तंवर ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं टीएमसी नेता ममता बनर्जी की मौजूदगी में मंगलवार को टीएमसी का दामन थाम लिया है। इसके अलावा अलग-अलग पार्टियों के करीब आधा दर्जन नेताओं के भी चर्चाओं का बाजार गर्म है कि जल्द ही वो भी टीएमसी में शामिल होंगे।
अशोक तंवर सिरसा लोकसभा सीट से सांसद रहे हैं और कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी के काफी करीबियों में उनकी गिनती की जाती रही है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार के समय उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन हुड्डा व तंवर के बीच छत्तीस का आंकड़ा जंग जाहिर है। वैसे तो कांग्रेस में ये बात कोई नई नहीं है। कांग्रेस में गुटबाजी चरम सीमा पर है। हर कोई छोटा मोटा नेता भी अपनी डफली बजाता हुआ मुख्यमंत्री बनने का ख्वाब देख रहा है।
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अशोक तंवर के कांग्रेस छोड़कर चले जाने से कांग्रेस को ज्यादा नुकसान होते हुए नहीं दिख रहा है। क्योंकि अशोक तंवर पिछले काफी समय से वेकपूट पर थे और जब उनसे प्रदेश अध्यक्ष का पद छिना गया। वो नुकसान पहले ही हो चुका है।

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