किसानों पर दर्ज मामले में भाजपा में मतभेद, सीएम खट्टर ने कहा....
किसानों पर दर्ज मामले में भाजपा में मतभेद, सीएम खट्टर ने कहा....
चंडीगढ़ - तहलका न्यूज
पिछले एक साल से किसान आंदोलन कर रहे हैं और इस दौरान किसानों पर 40 हजार से ज्यादा मामले अलग अलग थानों में दर्ज हैं। इसको लेकर विपक्षी पार्टियों में ही नहीं भाजपा में ही मतभेद दिखाई दे रहे हैं। केंद्र सरकार राज्य सरकारों के पाले में गेंद डाल रही है तो हरियाणा सरकार केंद्र के पाले में डाल रही है। इससे साफ है कि भाजपा में ही एक विचार नहीं किया गया है।
मोदी सरकार द्वारा संसद सत्र में तीनों कृषि कानून निरस्त करने के बाद भी एक राय नहीं बनती दिखाई दे रही है। क्योंकि आंदोलन में शहादत देने वाले किसानों को मुआवजा देने व इस दौरान अलग अलग थानों में दर्ज किए गए मामले रद्द करने पर केंद्र सरकार राज्य सरकारों का अधिकार क्षेत्र की बात कर रही है तो हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर केंद्र सरकार की गाइडलाइंस का हवाला देकर इससे बचते हुए दिखाई दे रहे हैं। लोग सवाल। कर रहे हैं कि अगर आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मामले आंदोलन के दौरान ही रद्द नहीं किए जाते हैं तो प्रशासन सरकार के इशारे पर उनको प्रताड़ित करेगा।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पत्रकारों द्वारा इस संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि केंद्र सरकार जैसे ही इस बारे में कहेगी, उसी के अनुरूप आगामी कार्यवाही की जाएगी।

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