दिल्ली के बार्डरों पर आज इन मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे किसान
किसानों से निपटने के लिए सरकार ने कसी कमर
दिल्ली - तहलका न्यूज
दिल्ली की सीमाओं पर किसानों को बैठे एक साल पूरा होने पर के बाद भी किसानों का आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया हुआ है। एक साल होने पर आज भारी संख्या में दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। सरकार द्वारा कृषि कानून निरस्त करने के बाद किसानों का हौंसला बढ़ गया है और वो सरकार पर अपनी सभी मांगों को मनवाने पर अड़े हुए हैं।
26 नवंबर को किसान आंदोलन का लगातार एक वर्ष पूरा हो गया।इस अवसर पर धरना स्थल पर किसानों की सभा होगी तथा सभा के बाद किसान शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय तक जाएंगे। पातली हाजीपुर मैं फ्लिप्कार्ट कंपनी को ज़मीन आवंटन घोटाले के विरोध में उपायुक्त गुरुग्राम के माध्यम से राष्ट्रपति को दिया ज्ञापन जाएगा।
सरकार किसानों की लंबित माँगो को पूरा करें:
1.एमएसपी की गारंटी क़ानून बनाओ।
2.किसान आंदोलन में शहीद हुए लगभग 700 किसानों के परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास की व्यवस्था हो।
3.किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज हुए झूठे मुक़दमे वापस लो
4.विद्युत अधिनियम संशोधन विधेयक, 2020/2021 का ड्राफ्ट वापस लिया जाए।
5.राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और इससे जुड़े क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अधिनियम, 2021 में किसानों को सजा देने के प्रावधान हटाए जाए।
6.लखीमपुर खीरी हत्याकांड के सूत्रधार और सेक्शन 120B के अभियुक्त अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करके गिरफ्तार किया जाए।
26 जनवरी को किसानों के प्रदर्शन के दौरान किसान आंदोलन बिखरने लगा था और सरकार भी किसानों को तीतर बीतर करने की भरपूर कोशिश की थी और दिल्ली के चारों तरफ कड़ी बेरिकेटिंग कर दी थी। लेकिन एक साल पूरा होने पर सरकार के रुख में बदलाव नजर आ रहा है। शायद यूपी सहित पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार किसानों से किसी भी प्रकार का पंगा लेने से परहेज कर रही है।

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