थाने में पहुंची मिल्ट्री, क्या प्रशासन के मुड को भांप पाएंगे किसान
भाजपा सांसद का किसानों ने किया विरोध गाड़ी के शीशे तोड़कर कि हमला करने की कोशिश
पुलिस ने किसानों को लिया हिरासत में किसानों ने थाने में डाला डेरा
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने किया ऐलान जब तक किसानों को रिहा नहीं किया जाता तब तक थाने में डाला जाएगा डेरा
नारनौंद : कस्बे में जांगड़ा सभा की धर्मशाला की नींव रखने के लिए राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा को बुलाया गया था। जैसे ही सूचना किसानों को मिली तो किसानो मौके पर पहुंचकर उनका काले झंडे दिखाकर उनका विरोध किया। इस दौरान किसानों को पुलिस में हल्की झड़प भी हुई जिसमें एक किसान घायल हो गया किसानों ने सांसद की गाड़ी सीसे भी तोड़ डाले पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उनको वहां से रवाना किया पुलिस ने इस मामले में 2 किसानों को हिरासत में भी लिया है इसके विरोध में किसानों ने थाने का घेराव कर थाने में ही डेरा डाल दिया है। मौके पर किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी भी पहुंचे हैं और उन्होंने ऐलान कर दिया है कि जब तक किसानों को रिहा नहीं किया जाएगा तब तक थाने पर ही किसानों का डेरा जमा रहेगा।
शुक्रवार को कस्बे में जांगड़ा समाज की धर्मशाला का शुभारंभ राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा करने पहुंचे थे जैसे ही इसकी सूचना किसानों को मिली तो सैकड़ों किसान हाथों में काले झंडे लेकर उनका विरोध करने के लिए पहुंच गई इस दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। राज्यसभा सदस्य को पुलिस रास्ता बदलकर पीछे के रास्ते से कार्यक्रम सदन में प्रवेश करवाया तो जैसे ही इसकी सूचना किसानों को मिली तो किसान कार्यक्रम स्थल पर जाने लगे तो पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उनको रोकने की कोशिश की लेकिन किसान बैरिकेड तोड़कर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गई इस दौरान पुलिस व किसानों के दौरान हुई झड़प में एक किसान के घायल होने की सूचना है जैसे ही किसान कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो उन्होंने टेंट में पहुंचकर उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की और काले झंडे दिखाए माहौल में काफी तनातनी हो गई थी राज्यसभा सांसद के समर्थक जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे तो दूसरी तरफ किसान मुर्दाबाद के नारे लगाकर अपना विरोध जता रहे थे जल्दी-जल्दी से खत्म करके पुलिस ने उनको रवाना किया इस दौरान किसानों ने गाड़ी पर झाड़ियां भी भी फेंकी। आखिर कर पुलिस ने उनको वहां से रवाना किया। इस दौरान भी किसान की गाड़ी के पीछे विरोध करने के लिए दौड़ते नजर आए। उसके बाद किसानों ने बैठक में निर्णय लिया कि जब तक किसानों को रिहा नहीं किया जाएगा तब तक वह थाने में डेरा डाले रहेंगे शाम के समय किसान नेता गोविंद सिंह चढूनी भी सैकड़ों किसानों के साथ थाने में पहुंचे।

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