लखीमपुर-खीरी मामले में सुनवाई, फटकार के बाद यूपी सरकार की दलील
लखीमपुर-खीरी मामले में सुनवाई, फटकार के बाद यूपी सरकार की दलील
दिल्ली-लखीमपुरी मामले में की फटकार के बाद यूपी सरकार अन्य राज्यों के रिटायर्ड जज की नियुक्ति के लिए तैयार
लखीमपुर-खीरी में विरोध कर रहे किसानों पर गाड़ी से कुचलने का मामला यूपी सरकार के लिए जी का जंजाल बनता जा रहा है। पहले हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने जांच पर नाराजगी जताई थी। लेकिन सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान यूपी सरकार की तरफ से कहा गया कि वो अन्य राज्यों के हाई कोर्ट के रिटायर्ड जजों की नियुक्ति के लिए तैयार है। इस पर बुधवार को फिर से सुनवाई होगी।
लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा की जांच पर सुनवाई के दौरान सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वो इस जांच की निगरानी के लिए अन्य राज्य के पूर्व हाई कोर्ट जज की नियुक्ति के लिए तैयार है.
इससे पहले सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा की एसआईटी जांच के तरीक़े पर नाराज़गी जताते हुए यह संकेत दिया था कि वो इस पर निगरानी के लिए पूर्व जजों की नियुक्ति कर सकता है.
इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व जजों जस्टिस राकेश कुमार जैन और जस्टिस रंजीत सिंह के नाम का भी सुझाव दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वो इस पर बुधवार 17 नवंबर को आदेश पारित करेगा और उसने यूपी सरकार से कहा है कि वो एसआईटी में और वरिष्ठ पुलिस अफ़सरों को शामिल करे.

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