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महापुरूष पूरी मानव जाति के पथ-प्रदर्शक: डा. बनवारी

महापुरूष पूरी मानव जाति के पथ-प्रदर्शक: डा. बनवारी लाल

भिवानी में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय रविदास जयंती के लिए दिया लोगों को निमंत्रण
चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल ने भी जयंती में बढ़चढ़कर भाग लेने के लिए लोगों का किया आह्वान
नारनौंद

संत शिरोमणी गुरू रविदास जी किसी एक जाति या समुदाय के न होकर संपूर्ण मानव जाति के पथ प्रदर्शक थे। आपसी प्यार-प्रेम, सामाजिक समानता, शिक्षा और आदर्शों के साथ जीवन जीना ही गुरू रविदास जी के प्रति सच्ची श्रद्धा का प्रमाण होगा। यह बात हरियाणा के जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी राज्य मंत्री डा. बनवारी लाल ने गांव बास में आयोजित 641वेें रविदास जयंती कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा अनुसूचित जाति, वित्त विकास निगम की चेयरपर्सन श्रीमती सुनीता दुग्गल ने की। कार्यक्रम का आयोजन डा. भीम राव अम्बेडकर जागृति सभा व समस्त ग्राम पंचायत बास द्वारा किया गया था। मंत्री व चेयरमैन ने लोगों को रविदास जयंती की शुभकामनाएंं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
डा. बनवारी लाल आज यहां आगामी 4 फरवरी को भिवानी के हुडा पार्क में आयोजित होने वाली संत शिरोमणी गुरू रविदास जी राज्य स्तरीय जयंती के लिए निमंत्रण देने आए हुए थे। उन्होंने बताया कि इस समारोह के मुख्यअतिथि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल होंगे। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे भिवानी में होने वाली रविदास जयंती में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के गठन होने के पश्चात भारतीय जनता पार्टी की पहली सरकार है, जिसने महापुरूषों व संतों की जयंती सरकारी स्तर पर मनाने का निर्णय लिया है। इससे पूर्व की किसी भी सरकार ने इस तरह का कोई भी प्रयास अपने कार्यकाल में नहीं किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सबका साथ-सबका विकास, हरियाणा एक-हरियाणवी एक नीति के अुनरूप महापुरूषों की जयंती राज्य स्तर पर सरकारी तौर पर मना रही है। महापुरूषों की जयंती मनाने का मकसद समाज में समरसता का भाव स्थापित कर समाज में भाईचारा को कायम रखना है।
उन्होंने कहा कि महापुरूष किसी एक जाति या समाज के नहीं होते, बल्कि उनका जीवन संपूर्ण मानव जाति के उत्थान के लिए समर्पित होता है। गुरू रविदास जी द्वारा दी गई शिक्षाएं और संदेश वर्तमान समय में भी उतने ही प्रासांगिक हैं, जितने उस समय में थे। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे गुरू रविदास जी द्वारा दी गई शिक्षा को अपने जीवन में धारण करें और उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज को एकरूपता में बांधने का काम करें। उन्होंने कहा कि महापुरूषों की पहचान किसी जाति या समुदाय न होकर उनके कर्मों से होती है और इसी कारण पूरा समाज उनको अपना आदर्श मानता है। इसलिए हर व्यक्ति को अपने जीवन में कर्म के बल पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर समाज के विकास में अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जितने भी महापुरूष हुए हैं, सभी ने शिक्षा पर बल दिया है, क्योंकि शिक्षा ही विकास की पहली सीढी है। यदि किसी भी समाज को आगे बढना है, तो उसकी प्राथमिकता शिक्षा पर जोर देना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को शिक्षित करने के साथ-साथ उनके जीवन में नैतिकता का भी समावेश करें, ताकि वे एक सभ्य नागरिक बनकर स्वच्छ व स्वस्थ समाज के निर्माण में अपना योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि आज समाज में बढ़ रहे जघन्य अपराध हमारा नैतिक पतन है। समाज सुधार और उत्थान के लिए एक सशक्त अभियान चलाने की जरूरत है, जिसमें सभी की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान में युवाओं को शतप्रतिशत शामिल करें, क्योंकि युवा अपार शक्ति के धनी होते हैं और किसी भी कार्य को परिवर्तनशील करने में सक्षम होते हैं।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में अनुसूचित जाति, वित एवं विकास निगम हरियाणा की चेयरपर्सन श्रीमती सुनीता दुग्गल ने कहा कि महापुरूषों एवं संतों के आदर्शों व शिक्षाओं को न केवल अपने जहन में उतारें बल्कि उन पर अमल करें तभी हमारा मकसद सार्थक होगा और यह उन्हें हमारी सच्ची श्रद्धांजली भी होगी। उन्होंने कहा कि गुरू रविदास जी उस समय अवतरित हुए जब समाज में सामाजिक आडम्बरों, ऊंच-नीच व छूआछात आदि सामाजिक कुरीतियों का बोला-बाला था। रविदास जी ने अपनी शिक्षाओं के बल पर समाज में फैली इन सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर समाज में एक नई चेतना जगाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का जीवन में विशेष महत्व है, इसलिए अपने बच्चों को शिक्षित अवश्य करें। एक शिक्षित समाज ही आगे बढ सकता है। उन्होंने कहा कि हमें भगवान ने समान रूप से बनाया है। कार्य कोई भी छोटा-बड़ा नहीं होता, इसलिए व्यक्ति को अपना कर्म करते रहना चाहिए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में दलित, पिछड़े व वंचित वर्ग के कल्याण व उत्थान के लिए सरकार सबका साथ-सबका विकास नीति के अनुरूप कार्य कर रही है। इसी कड़ी में महापुरूषों एवं संतों की जयंती सरकारी तौर पर मनाया जाना सरकार का एक एतिहासिक निर्णय है। उन्होंने उपस्थित लोगों को भिवानी में 4 फरवरी को आयोजित होने वाली रविदास जयंती में बढचढकर भाग लेने का आह्वान किया। समाज के लोगों की मांग पर डा. बनवारी लाल ने अम्बेडकर भवन के पुननिर्माण के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा की तथा गंदे पानी की निकासी, पेयजल लाइन बदलने,नई पाइप लाइन डलवाने बारे संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। ग्रामवासियों ने मंत्री व चेयरमैन को विश्वास दिलाया कि 4 फरवरी को भिवानी में आयोजित राज्य स्तरीय जयंती में क्षेत्र से हजारों की तादाद में भाग लेंगे। मंत्री व चेयरमैन को मोटरसाईकलों के काफिल के साथ खुली जीप में सभा स्थल तक लाया गया और इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल जींदाबाद, डा. बनवारी लाल जिंदाबाद व सुनीता दुग्गल जिंदाबाद के नारों से माहौल गुंजायमान रहा। गांव की चारों पंचायतों की ओर से मंत्री को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। ब्लॉक समिति चेयरमैन प्रतिनिधि रामनिवास नरवाल ने मंत्री को व कर्मबीर प्रधान ने चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल को मान व सम्मान की सूचक पगड़ी पहनाई। ब्लॉक समिति की चेयरमैन मीना कुमारी ने श्रीमती दुग्गल का शॉल भेंट कर सम्मान किया। समारोह के आयोजकों ने मंत्री व चेयरमैन को स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए। मंच का संचालन बजरंग शास्त्री ने किया।
इस मौके पर राजेंद्र सरपंच, सुनीता सरपंच, शाशीकांता सरपंच, अम्बेडकर सभा के प्रधान अनिल, राजेश पूर्व सरपंच, वेद प्रकाश सोलंकी, वेदपाल, राजेश रंगा, योगेश, संदीप, प्रदीप, सज्जन सिंह, दयानंद, पालू राम, चंद्र सिंह, दलीपा, रामनिवास, जयनारायण पूर्व सीएमओ के अलावा डीएसपी जोगिंद्र राठी, नायब तहसीलदार रामचंद्र, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता दलीप सिंह श्योराण, एसडीओ शशीकांत सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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