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सरपंचों ने दिखाया कृषिमंत्री को आइना : अगर ऐसा रहा तो चुनावों में नहीं मिलेगा दरी बिछाने वाला

पंचायत मंत्री बनाम सरपंच,,,
सरपंचों ने दिखाया कृषिमंत्री को आइना
कहा दो टूक: अगर ऐसा रहा तो चुनावों में नहीं मिलेगा दरी बिछाने वाला
ग्रांट ना मिलने से छुब्ध है सरपंच
रेवाड़ी में सरपंचों की बैठक ले रहे थे पंचायत मंत्री
बैठक में सरपंचों के सवालों की मुद्रा में रहे मंत्री जी
मंत्री जी ने कहा जितना फंड उन्हें मिला उसके हिसाब से बाट दिया पैसा
उन्हें खुद नहीं पता की कौनसी ग्रांट नहीं पहुंची सरपंचों को
गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लेने आएं थे कृषिमंत्री ओपी धनखड़ 
रेवाड़ी, 27 जनवरी।
गणतंत्र दिवस समारोह में रेवाड़ी पहुंचे कृषि एवं पंचायत मंत्री ओपी धनखड़ को उस समय सरपंचों की नाराजगी का सामना करना पड़ा जब वें सरपंचों की बैठक ले रहे थे। सरपंचों ने ओपी धनखड़ को आइना दिखाते हुए कहा कि अगर ऐसा ही रहा तो अगले विधनसभा चुनावों में गांव में दरी बिछाने के लिए भी कार्यकर्ता नशीब नहीं होगा। सरपंच इस बात से नाराज थे कि पंचायतों को बने दो वर्ष से ज्यादा का समय हो गया। लेकिन विकास के लिए ग्रांट इतनी मिली है कि ऊंट के मुंह में जीरा। सरपंचों ने उन्हें एक तरह से निरुत्तर कर दिया। वहीं कई सरपंचों ने मंत्री को भ्र्ष्टाचार मुक्त शासन देने के दावे पर तंज कसते हुए कहा कि यह मात्र दावा मात्र दावा ही है। चिह्ल्ड के सरपंच ने कहा कि अपने कार्यकाल में एक करोड़ से ज्यादा का दावा किया। दो साल बाद पूर्व सरपंच पर रिकवरी के आदेश हुए है लेकिन वो रिकवरी नहीं हुई। सरपंचों के तीखे सवालों से घिरता देख कृषि मंत्री ने कहा कि जो फंड उनके जरिये आता है वो पंचायतों को भेजा जा चुका है और जो केंद्र से आता है वो सीधे पंचायतों के खातों में चला जाता है। ऐसे में उन्हें नहीं पता की पंचायतों के पास कौनसे पैसे पहुंचे है या नहीं। उन्होंने सरपंचों को शांत करते हुए कहा कि पंचायतों के लिए बजट का प्रावधान कम है। इस लिए अब नाबार्ड से ऋण लेकर पंचायतों को अवार्ड कर रही है। इस बैठक से यह तो साफ हो गया है कि पंचायतों को ग्रांट ना निलने से सरपंच नाराज चल रहे। अगर सरकार समय पर नहीं चेती तो अगले विधनसभा चुनावों में भाजपा को मुश्किलों से सामना करना लाजमी है। इस मौके पर रेवाड़ी के विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास भी मौजूद रहे। जब विकास के लिए उन्हें भी घेरा जाने लगा तो उन्होंने कहा कि लगभग 15 करोड़ की ग्रांट उन्हें मिल चुकी है जल्द ही वितरित की जायेगी। अब देखना होगा की क्या सरपंचों को विकास के लिए ग्रांट मिल पाती है या फिर आने वाले चुनावों में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

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