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मुन्नाभाई एमबीबीएस चढ़ा पुलिस के हत्थे, क्लीनिक सील

मुन्नाभाई एमबीबीएस चढ़ा पुलिस के हत्थे, क्लीनिक सील
नारनौंद :
पूरे क्षेत्र में मुन्ना भाईयों की भरमार है और ये मुन्ना भाई खुलेआम दूसरों के नाम से क्लीनिक चलाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग व सीएम फ्लाईंग की टीम ने संयुक्त रूप से छापा मारकर कस्बे नारनौंद के पुराने बस स्टैंड पर दबीश देकर एक झोलाछाप डाक्टर की दुकान को सील करके पुलिस के हवाले कर दिया। जिसके बाद कस्बे व आसपास के क्षेत्र में बैठे अन्य झोलाछाप डाक्टर अपनी दुकानों को बंद करके फुर्र हो गए। पुलिस ने आरोपी डाक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है।
मुन्ना भाईयों पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें समय समय पर कार्यवाही करती रहती है। लेकिन ये मुन्नाभाई हर बार कार्यवाही होने से पहले ही फुर्र हो जाते हैं। विभाग की टीम ने 9 नवंबर को कार्यवाही करते हुए कुछ मुन्ना भाईयों की डिग्री अपने कब्जे में लेकर जांच के लिए भेजी थी। इसको लेकर बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग ने एसएमओ नारनौंद डा. यशपाल को आदेश दिए कि वो एक टीम बनाकर ठकराल क्लीनिक पर छापा मारे। तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डा. यशपाल, डा. कृष्ण, डा. विमल प्रकाश, फार्मास्सिट सुभाष के नेतृत्व में टीम ने वीरवार को कस्बे के पुराने बस स्टैंड पर ठकराल क्लीनिक पर छापा मारा तो चौंकानें वाले रहस्य उजागर हुए। क्लीनिक पर अपने आपको डाक्टर बताने वाला हरिचंद नाम का व्यक्ति मिला। जबकि इस क्लीनिक का लाईसेंस किसी सतीश ठकराल के नाम से था और वो लाईसेंस भी काफी पुराना हो चुका था। उसके बाद उसका नवनिकरण भी नहीं करवाया गया। स्वास्थ्य विभाग व सीएम फ्लाईंग ने 9 नवंबर को छापेमारी करके कस्बे के सभी डाक्टरों की डिग्री अपने कब्जे में ली थी। तो इस क्लीनिक पर उस दिन भी सतीश नाम का कोई डाक्टर नहीं था। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो पुलिस ने पहुंचकर पूछताछ की तो पाया कि इस क्लिनिक को पिछले काफी सालों से हरिचंद ही चलाता आ रहा है। क्लीनिक से भारी मात्रा में आयुर्वेदिक व अंग्रेजी दवाईयों सहित अन्य औजार भी बरामद कर सील कर दिए हैं।
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नारनौंद के नागरिक अस्पताल के एसएमओ डा. यशपाल सिंह ने बताया कि सीएमओ हिसार के आदेशानुसार छापामारा गया है। छापेमारी के दौरान पाया कि जिस डाक्टर के नाम लाईसेंस है वो काफी पुराना है और उस नाम का डाक्टर इस क्लीनिक पर कभी ईलाज नहीं करता। दूसरे डाक्टर के नाम पर हरिचंद ही मरीजों का ईलाज कर क्लिनिक चला रहा था। जोकि सरासर गलत है। क्लीनिक पर मिली दवाईयों व औजारों को सील कर दिया गया है। झोलाछाप डाक्टर के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
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क्लिनिक पर मिला डा. हरिचंद ने बताया कि उसने आर्मी से नर्सिंग का कोर्स किया हुआ है और वो डा. सतीश ठकराल के साथ इस क्लीनिक पर काम करता है।
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इस संबंध में जांच अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि दूसरे डाक्टर के फर्जी लाईसेंस पर डाक्टरी का काम करते हुए नारनौंद निवासी हरिचंद को पुलिस ने हिरासत में लिया है। धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जिसको शुक्रवार को अदालत में पेश किय जाएगा।

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