रोहतक का जवान गुजरात में शहीद, माता पिता का ईकलौता बेटा था
Rohtak soldier martyred in Gujarat, was the only son of his parents
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| शहीद मोहित कलकल के पार्थिव शरीर को लेकर पहुंचा आर्मी का ट्रक। |
गांव गद्दी खेड़ी के जवान मोहिल कलकल गुजरात के बडोदरा में डयूटी पर तैनात था और वहां पर उसके दिमाग की नस फट गई। मोहित को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां पर डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू कर दिया। दो दिनों तक डॉक्टर उसका उपचार करते रहे और आखिरकार उनकी मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। उनके निधन पर रोहतक से सांसद दीपेन्द ्र सिंह हुड्डा सहित अनेक राजनेताओं व सामाजसेवी लोगों ने गहरा दु:ख प्रकट किया है।
जानकारी के मुताबिक मोहित की करीब चार साल पहले शादी हुई थी और शादी के एक साल बाद उसकी पत्नी ने एक मासूम सी बेटी को जन्म दिया था। जिसका उन्होंने बड़े चाव से नाम जिन्नत रखा था। इस समय जिन्नत की उम्र तीन साल है और उस मासूम को तो ये भी नहीं पता की अब उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है। वहीं शहीद मोहित कलकल की दो बहनें भी हैं जोकि शादी शुदा हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक गद्दी खेड़ी निवासी मोहिल कलकल करीब दस साल पहले 25 यूनिट वर्कशॉप में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था और पदौन्नति होकर वो सेना में हवलदार बन चुका था। इस समय उसकी डयूटी गुजरात के बडोदरा में थी और डयूटी के दौरान ही उसके दिमाग की नस फट गई। हवलदार मोहित कलकल को उपचार के लिए सेना के अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां पर दो दिन जिन्दगी और मौत से जंग लड़ते हुए मोहित कलकल मौत से हार गया।
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