मनुष्य नस्ल बचाने को लेकर महापंचायत : महापंचायत ; संस्कृत बचाओ हरियाणा बचाओ महापंचायत 1 नवंबर को नारनौंद में;
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सरकार मुर्राह नस्ल की भैंस को बचाने के लिए नीति, मनुष्य की नस्ल खराब करने पर तुली सरकार - सोनिया दुहन
नारनौंद : मौजूदा सरकार पशुओं की नस्ल सुधारने की दिशा में तो अनेक कदम उठा रही है लेकिन मनुष्य की नल बिगाड़ने पर टोली हुई है। हरियाणा की संस्कृति हजारों वर्ष पुरानी है और इसका उदाहरण राखीगढ़ी ने साबित करके दिखा दिया है। अगर हिंदू विवाह अधिनियम में गांव गोहद गोत्र में शादी करने पर प्रतिबंध नहीं लगाया तो इसके खिलाफ एक हरियाणा बचाओ, संस्कृति बचाओ महापंचायत का आयोजन 1 नवंबर को हरियाणा दिवस के अवसर पर नारनौंद में किया जाएगा। उक्त शब्द एनसीपी नेत्री सोनिया दुल्हन ने नारनौंद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहे।
सोनिया दुल्हन ने कहा कि हरियाणा की संस्कृति और सभ्यता वर्षों पुरानी है। वैज्ञानिकों की खोज से राखीगढ़ी में इसके पुख्ता सबूत भी आज दुनिया के सामने आ चुके हैं। लेकिन हमारे सरकारें पशुओं की नस्ल सुधार पर तो काफी जोर दे रही है और वैज्ञानिक भी इस पर रिसर्च कर रहे हैं। पशुओं पर हुए रिसर्च के मुताबिक अगर मुर्राह नस्ल को बचाना है तो उसके लिए उसकी माता, नानी और दादी के साथ खून के संबंध में शारीरिक संबंध बनाने से मुर्राह नस्ल खतरे में आ सकती है। लेकिन ये मापदंड जब इंसान के ऊपर लागू होते हैं तो हमारे कुछ युवा पीढ़ी के युवक युवती ऐसी ग़लती कर बैठते हैं। परंतु सरकार इंसान की नस्ल को बचाने की बजाय उसे मिटाने पर तुली हुई है। हमारी संस्कृति रही है कि एक गोत्र एक गांव और गुहांड को छोड़कर कम से कम 10 किलोमीटर के दायरे से दूर शादी विवाह के रस्म अदा होनी चाहिए। लेकिन सरकार कुछ प्रेमी जोड़ों को पनाह देकर उनके प्रेम विवाह को मंजूरी दे रही है और युवा अपने रास्ते व अपनी संस्कृति से भटक कर अपने ही गांव अपने ही गोत्र व गुहांड में शादी कर लेते हैं। जोकि मनुष्य जाति के लिए बहुत बड़ा खतरा है। क्योंकि 10 किलोमीटर के दायरे में हमारा खानपान हमारे रहन-सहन हमारी आवाज हमारी संस्कृत में कोई बदलाव नहीं होता ऐसे में इस डायरी में शादी करने से उनके द्वारा पैदा होने वाले बच्चे शारीरिक व मानसिक रूप से पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो सकते ऐसा हमारे वैज्ञानिकों का भी मानना है। लेकिन सरकार ऐसे विवाहों को मंजूरी देकर हमारी हजारों वर्षों पुरानी संस्कृति को तहस-नहस करने पर तुली हुई है।
सोनिया दुहन ने कहा कि जब भी हमारे खाप पंचायतों ने स्मूथ देखो उठाया तो सरकार ने उनका गला घोटने का काम किया है। कभी अनार के लिंग के नाम तो कभी किसी मुद्दे पर ख्वाबों की आवाज को दबाने का काम किया जाता रहा है लेकिन हम युवाओं में इस बात की जागरूकता लेंगे की यह मनुष्य जाति के लिए काफी हानिकारक है और इसके करने से मनुष्य नस्ल बर्बादी की कगार पर जा रही है। संस्कृति बचाओ हरियाणा बचाओ महा पंचायत 1 नवंबर को हरियाणा दिवस के अवसर पर नारनौंद की अनाज मंडी में आयोजित की जाएगी। इस महा पंचायत में खाप प्रतिनिधियों सहित अनेक सामाजिक संगठनों के लोग भी शामिल होंगे और इस मुद्दे पर सरकार को और युवाओं को जागरूक करने का काम करेंगे की समय के साथ-साथ मैरिज एक्ट में बदलाव किया जाए। उन्होंने कहा कि वह राजनीति बाद में करेंगे पहले भाईचारे और समाज के मुद्दे को उठाती रहेगी और उठाती रही हैं। अगर वह समाज से एक बुराई को भी मिटाने में कामयाब होगी तो वह अपना जीवन सफल समझेंगी।
आज का युवा जितना पढ़ा लिखा हो रहा हैं वही अपनी संस्कृति से पिछड़ गया हैं देश का युवा पीढ़ी जितनी शिक्षित और जागरूक हो रही हैं संस्कृति में उतनी ही पिछड़ती चली जा रही हैं। आज हमे जितना हमारा देश जरूरी हैं उतनी ही हमारी संस्कृति, सभ्यता भी जरूरी हैं।
सोनिया दुहन (राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्यार्थी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ) ने नारनौंद कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कई अहम मुद्दे रखे की कैसे हमारा हरियाणा और हरियाणा की संस्कृति की छवि खराब होती चली जा रही हैं। सोनिया दुहन ने पत्रकारों के समक्ष बात रखते हुए कहा की एक समय था जब हरियाणा का पूरे भारत में संस्कृति , रीति रिवाजों, जीवन शैली पर ढेरों चर्चाएं व अलग पहचान हुआ करती थी। हरियाणा में बहुत सी पुराणिक परंपराएं थी जिनको एक एक करके हटा दिया गया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रिय अध्यक्ष विद्यार्थी सोनिया दुहन का कहना हैं की आज गांव की संस्कृति को खराब करने का पहला योगदान आज की युवा पीढ़ी का रहा हैं जैसे गांव की गांव में शादी करना, गांव के लगते दूसरे गांव में शादी करना। हरियाणा के पहनावे पर भी बहुत बुरा असर पड़ा हैं समय से पहले प्रेम विवाह करने की लत, मोबाइल को लेकर माता पिता का बच्चों के प्रति जागरूक न रहना इत्यादि।
गांव की लड़की/लड़का भाई बहन होते है लेकिन आज के युवा पर प्रेम विवाह का ऐसा पर्दा पड़ा हुआ हैं जिसमें वे पूरी तरीके से अंधे हो चुके हैं आज गांव की गांव में शादी करके रहना हरियाणा की संस्कृति के लिए अभिशाप बन चुका हैं।
सोनिया दुहन का कहना है कि एक ही गोत्र में शादी करने में आज सबसे बड़ा योगदान कही न कही प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सरकार का भी रहा हैं सरकार को ऐसा कानून पारित करना चाहिए जिसमे गांव की गांव में शादी और गांव से नजदीक लगते गांव में भी शादी न हों, लेकिन सरकार तो प्रेम विवाह (घर से भाग कर शादी करना) जिसमे उनको सरकार की तरफ से सुरक्षा दी जाती हैं।
पूरी उम्र बच्चों का पालन-पोषण माता पिता करते हैं लेकिन एक छोटी सी प्रेम विवाह की लत या प्रेम वासना घर वालों की जिंदगी खराब कर देती है । सोनिया दूहन ने पत्रकारों के समक्ष बात करते हुआ आज के युवा पीढ़ी से भी एक बात कही माता -पिता की खुशी में ही आप सब की खुशी हैं।

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