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Sirsa Flood : सिरसा में किसानों ने लगाया जाम, घग्गर नदी के बढ़े जलस्तर से परेशान ग्रामीणों ने माईनर तोडऩे की लगाई गुहार

 Sirsa Flood : Farmers put jam in Sirsa, troubled by increased water level of Ghaggar river, villagers requested to break minor

माईनर नहीं तोड़ी गई तो होगा बड़ा नुकसान, पानी के बहाव को कम करने के लिए किसानों ने नहर में फेंकी ट्राली



तहलका न्यूज सिरसा। 

घग्गर नदी हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में भारी तबाही मचा रही है। इसके तेज बहाव से इस नदी के आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल साफ तौर पर देखा जा सकता है। क्योंकि एक के बाद इस नदी के तटबंध टूट रहे हैं और पानी खेतों के साथ साथ गांव में घूस रहा है। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने डिंग मंडी में जाम लगा दिया। क्योंकि एक ही रात में अचानक घग्गर नदी के जलस्तर में 4 हजार क्यूसेक पानी की बढ़ौतरी होने से ग्रामीण भयभीत हैं। वहीं कुछ ग्रामीणों ने कहा कि अगर माईनर को नहीं तोड़ा गया तो भारी नुकसान हो सकता है।




लोगों को सता रही है बाल बच्चों की चिंता

घग्गर नदी सिरसा जिले में उग्र रूप धारण किए हुए है और इसके इस रूप को देखकर हर किसी का दिल धडक़ना बंद हो जाता है। हर किसी को अपने बाल बच्चों व घर परिवार की चिंता सता रही है। कई गांवों में तो अलाउसमेंट करवाई जा रही है। क्योंकि घग्गर नदी का जलस्तर कम होने की बजाय लगातार बढ़ रहा है और ये लोगों के लिए परेशानी खड़ा कर सकता है। क्योंकि एक के बाद एक नदी के बांध टूट रहे हैं और खेतों में जलभराव के बाद गांव में पानी घूस सकता है। खेतों में बसी ढ़ाणियों को तो खाली करवा लिया गया है। सिरसा जिला प्रशासन इसी प्रयास में लगा हुआ है कि पानी को गांव में घूसने से रोका जाए। ग्रामीणों ने कहा कि घग्गर नदी के जलस्तर बढऩे से रंगोई नाले में भी पानी का बहाव तेज हो गया है। इसका टूटने का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर ओल्ड कासनखेड़ा माईनर को नहीं तोड़ा गया तो आसपास के एरिया में जलप्रलस आ सकती है। इसी से गुस्साए ग्रामीणों ने डिंग मंडी में जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि अगर इस माइनर को नहीं तोड़ा गया तो घग्गर नदी टूट जाएगी। जिससे काफी नुकसान हो सकता है। 




रत्ताखेड़ा खरीफ का गेट चौबीस घंटे बाद भी नहीं हुआ ठीक

सिरसा के चामल के पास रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल का गेट चौबीस घंटे बाद भी ठीक नहीं हो पाया। हालांकि प्रशासन ने नया गेट बनवाया था और जब उसको लगाने के लिए नीचे उतारा गया तो वो भारी भरकम गेट पानी में समा गया। इससे पहले भी ग्रामीणों ने पानी के बहाव को कम करने के लिए ट्राली को फेंक दिया था। लेकिन वो भी पानी के बहाव को कम नहीं कर पाई। 




13 साल पहले भी सिरसा में टूट गई थी घग्गर 

घग्गर नदी वैसे तो शांत रहती है, लेकिन जब भी इसमें बाढ़ आती है तो हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के लोगों की सांसे थम सी जाती हैं। बताया जा रहा है कि 13 साल पहले 2010 में भी घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ जाने के कारण सिरसा जिले के रानियां के गांव फिरोजाबाद में घग्गर नदी टूट गई थी और आसपास के करीब 40 किलोमीटर के दायरे में जलभराव हो गया था और बणि गांव पूरी तरह से पानी में डूब गया था। इस समय भी घग्गर नदी में 46 हजार क्यूसेक से अधिक पानी बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पंजाब के मानसा क्षेत्र के गांव सरदूलगढ़ में घग्गर का पानी घूस गया है। जिसके कारण सिरसा मानसा रोड़ बंद कर दिया गया है। इसकी वजह से राहगिरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें गांव के रास्ते पंजाब व सिरसा आना जाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अगर ओर बारिश होती है तो हालात काफी बिगड़ सकते हैं। 


घग्गर का रौद्र रूप देख याद आए डेरा प्रमुख राम रहीम

घग्गर नदी के जलप्रलय से बचने के लिए काफी लोग डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को याद करते हुए दिखाई दिएा। क्योंकि जब भी सिरसा जिले पर बाढ़ का खतरा मंडराया है तब तब डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम के सेवादार सिरसा जिले को बचाने में कामयाब हुए हैं। इस बार भी सिरसा, फतेहाबाद, कैथल, अंबाला सहित पंजाब में डेरा प्रेमियों ने मोर्चा संभाला हुआ है। लेकिन उनके चेहरों पर अपने गुरू की कमी साफ झलक रही है। डेरा प्रेमियों के मुताबिक जब उनके गुरू के दर्शन हो जाते हैं तो उनके अंदर तो जोश भर जाता है और उनके दर्शनों से नदी का बहाव भी शांत हो जाता है।  

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