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Tehalka News: विकास कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल, पंच ने रुकवाया काम

 Tehalka News Jind Substandard material used in development work, Panch stopped work,

किनाना गांव में निर्माण कार्य में हो रही थी घटिया सामग्री का प्रयोग | बीडीपीओ को दी शिकायत



तहलका न्यूज जुलाना : क्षेत्र के गांव किनाना में पंचायती जमीन पर चारदीवारी के काम में घटिया सामग्री प्रयोग करने के आरोप लगाए गए हैं। गांव के पंच ने इसकी शिकायत बीडीपीओ को दी है। गांव में पंचायती जमीन पर चारदीवारी के काम को रूक वा दिया गया है। किनाना गांव के पंच सत्यवान ने बीडीपीओ को दी शिकायत में बताया कि गांव में चारदीवारी का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। जिसमें ईंटें काफी निम्न स्तर की 5 number ki प्रयोग की जा रही हैं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जेई को दी। इसके बाद भी ठेकेदार घटिया सामग्री लगाता रहा। इसकी शिकायत बीडीपीओ को दी गई है। शिकायत के माध्यम से मांग की गई है कि जल्द से जल्द मामले की गंभीरता से जांच की जाए और ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।





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 सूचना मिली थी कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। तुरंत काम को रोक दिया गया और घटिया ईंटों को वापस भेज दिया गया और दूसरी ईंट मंगवाई गई है। निर्माण कार्य में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कविता देवी, सरपंच किनाना।





निर्माण कार्य में घटिया सामग्री प्रयोग करने की शिकायत मिली है। मौके पर कर्मचारियों को भेज कर जांच की जाएगी। अगर जांच में ठेकेदार की गलती पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 


प्रतीक जांगड़ा, बीडीपीओ





ऐसे होता है गलत को सही बनाने का गोरखधंधा 


आपको बता दें कि ठेकेदारी के माध्यम से जो विकास कार्य करवाए जाते हैं उनमें अधिकतर निम्न स्तर की सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है ताकि ठेकेदार ज्यादा से ज्यादा रुपए बचा सके और अधिकारियों की जल्दी गर्म हो सके। नियमों के मुताबिक जिस काम में 50 हजार ईंटों की खपत होती है उसके बकायदा अधिकारी उनके सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजते हैं ताकि उसकी गुणवत्ता का पता लगाया जा सके। लेकिन भ्रष्टाचार इस कदर फैल चुका है कि निम्न से निम्न स्तर की ईटों की गुणवत्ता को भी सही ठहरा दिया जाता है। इसी तरह मोटार के मामले में भी जांच के लिए जंक्शन पर भेजे जाते हैं तो उसको सही कराने के लिए प्रयोगशाला के अधिकारियों ने अलग-अलग लेवल बनाए ताकि वह उस लेवल के हिसाब से पैसे एंठ सकें। ऐसे भ्रष्टाचार करके ठेकेदार गलत हो गई सही साबित कर देते हैं। 




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