Tehalka News : पुलिस ने किया किसानों पर लाठीचार्ज, कुरुक्षेत्र, रोहतक, सिरसा में हाईवे पर जाम, हिसार में तनातनी |
Tehalka News Haryana Jam on highway in Kurukshetra, Rohtak, Sirsa, tension in Hisar
पुलिस ने वॉटर कैन का प्रयोग कर भांजी लाठियां, गुस्साए किसानों ने लगाया जाम
कुरु क्षेत्र / शाहाबाद, 06 जून : मंगलवार दोपहर 12:30 बजे से नैशनल हाईवे जाम कर कर बैठे भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों सहित हजारों किसानों पर उपायुक्त कुरुक्षेत्र के आदेश पर शाम करीब 7:15 बजे पुलिस ने वाटर कैनन की बौछारों के साथ ही लाठीचार्ज कर दिया।
इससे धरना स्थल पर भगदड़ मच गई। पुलिस ने दर्जनों किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया है, जबकि भारी गिनती में किसान घायल भी हुए हैं जिनमें से एक घायल किसान की मौत हो गई कुछ किसानों को पीजीआई चंडीगढ़ उपचार के लिए रैफर किया गया है, जबकि दर्जनों किसानों को शाहबाद के सिविल अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया है। मात्र 20 मिनट की कार्रवाई में ही पुलिस ने नैशनल हाईवे पर यातायात सुचारू कर दिया। इसी दिया । इसी बीच आईजी पुलिस भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
इससे भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अल्टीमेटम के बाद भी मंगलवार तक हरियाणा सरकार द्वारा सूरजमुखी की खरीद एमएसपी पर शुरू न करने से रोषित किसानों ने आखिरकार मंगलवार दोपहर नेशनल हाईवे जाम कर दिया। इससे पहले शहीद ऊधम सिंह स्मारक हाल में चल रही महापंचायत में जब कुरूक्षेत्र के डीसी व एसपी भी किसानों को आश्वस्त नहीं कर पाए, तो भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के एक इशारे पर महापंचायत में मौजूद तीन हजार से अधिक किसान बराड़ा चौक पुल पर चढ़ कर नेशनल हाईवे पर जा डटे और दोपहर 12.30 बजे दोनों तरफ से मुख्य हाईवे जाम कर दिया।
हालांकि किसानों को सडक पर जाने से रोकने के लिए पुलिस की ओर से बराड़ा रोड पर सैंकड़ों बेरीकेट, वॉटर केनेन और बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स की व्यवस्था की गई थी। पुलिस के चाक-चौबंद को देख कर ऐसा माना जा रहा था कि पुलिस व किसानों के बीच काफी तकरार होगी और हमेशा की तरह किसान बेरीकेट तोड़ कर ही हाईवे पर जाएंगे। लेकिन गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में चल रहे किसानों ने पुलिस को चकमा दिया और हजारों किसान शहीद ऊधम सिंह स्मारक के रास्ते शहीद को श्रद्धांजलि देने के बाद पुल की करीब 30 फीट चढ़ाई चढ़ नेशनल हाईवे पर जा डटे और दोनों तरफ से हाईवे को जाम कर बैठ गए।
ऐसे में किसानों को रोकने के पुलिस के सभी प्रबंध धरे रह गए। इससे पहले कि पुलिस कुछ समझ पाती, किसानों ने मिनटों में नेशनल हाईवे जाम कर दिया। हालांकि डीएसपी रणधीर सिंह स्वयं आंदोलनकारी किसानों के पीछे भागते नजर आए, लेकिन उससे पहले किसान अपने मिशन में कामयाब हो गए। ऐसा लग रहा था कि जो चक्रव्यूह किसानों के लिए बनाया गया था, बड़ी संख्या में पुलिस जवान स्वयं उसमें कैद होकर रह गए। कुछ समय वहां बैठने के बाद किसान थाना शाहाबाद के सामने आ डटे।
प्रशासन को दिया था दोपहर 12 बजे तक का अल्टीमेटम
मंगलवार को बराड़ा रोड पर शहीद ऊधम सिंह स्मारक हाल में किसानों की महापंचायत सुबह 10 बजे शुरू हो गई और गुरनाम सिंह चढूनी ने प्रशासन को 12 बजे तक का अल्टीमेटम दिया कि अगर सरकार की तरफ से कोई पॉजीटिव संदेश है, तो उसे किसानों तक पहुंचाया जाए, नहीं तो किसान हाईवे जाम करेंगे। इसी बीच गुरनाम सिंह चढूनी ने एसडीएम कपिल शर्मा व डीएसपी रणधीर सिंह के साथ बैठक भी की, लेकिन वह बेनतीजा रही। तत्पश्चात करीब 12.15 बजे डीसी व एसपी कुरूक्षेत्र बैठक के लिए किसानों के बीच पहुंचे। जब यह दोनों उच्च अधिकारी भी किसानों को आश्वस्त नहीं कर पाए, तो गुरनाम सिंह चढूनी ने हाईवे जाम करने की घोषणा कर दी। इस पर हाल में मौजूद हजारों किसान सड़क जाम करने के लिए कूच कर गए।
एमएसपी पर खरीद शुरू होने के बाद छोड़ेंगे हाईवे : चढूनी
थाना शाहाबाद के सामने नेशनल हाईवे पर किसानों के बीच बैठे गुरनाम सिंह चढूनी ने पत्रकारों को बताया कि 10 मई से प्रदेश की अनाज मंडियों में सूरजमुखी की आवक शुरू हो गई थी। जिसके बाद रोजाना किसान अपनी फसल को मंडी में ला रहे हैं और पंखा आदि लगवाने के बाद वापिस अपने घर ले जाने को मजबूर हैं, जिससे व्यर्थ का आर्थिक बोझ किसानों पर पड़ रहा है। चढूनी ने कहा कि 30 मई को भावांतर योजना के तहत फसल की खरीद का पत्र सरकार की तरफ से जारी हुआ, जो किसी भी किसान को मंजूर नहीं है। अब किसानों की एक ही मांग है कि उनकी फसल को एमएसपी पर खरीदा जाए।
जब तक सरकार एमएसपी पर खरीद नहीं करती, तब तक किसान सड़क नहीं छोड़ेंगे, बेशक पुलिस जो कार्रवाई करनी है, करती रहे। उल्लेखनीय है कि दो जून को चंडीगढ़ में शिक्षा मंत्री सहित 5 प्रशासनिक अधिकारियों के साथ किसान यूनियन के 7 सदस्यों की बैठक बेनतीजा रही।
9 ड्यूटी मैजिस्ट्रेट किए तैनात
किसानों को हाईवे पर जाने से रोकने के लिए प्रशासन द्वारा 9 ड्यूटी मैजिस्ट्रेट तैनात किए गए। जिसमें ए.एस.पी. शुभम सिंह के साथ कार्यकारी अभियंता थानेसर सुरेंद्र सिंह, डी. एस. पी. रणधीर सिंह के साथ उपमंडल अभियंता सुरेंद्र छाबड़ा, पुलिस उपाधीक्षक प्रदीप कुमार के साथ एस. डी. ए. ओ. जितेंद्र मेहता, पुलिस उपाधीक्षक लाडवा तरूण सैनी के साथ उपमंडल अभियंता लाडवा रखा राम, पुलिस उपाधीक्षक रामदत्त नैन के साथ उपमंडलाधिकारी पशुपालन विभाग डा. जसबीर, पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार के साथ एस.डी.ई. गुरजिंद्र सिंह, पुलिस उपाधीक्षक रजत गुलिया के साथ उप मंडल अभियंता नितीश मदान, पुलिस उपाधीक्षक राजीव कुमार के साथ तहसीलदार शाहाबाद अशोक कुमार, शाहाबाद थाना प्रबंधक राजपाल के साथ खंड कृषि अधिकारी ओमप्रकाश मौजूद रहे। इसके साथ साथ लगभग 700-800 पुलिस कर्मी भी शाहाबाद में तैनात किए गए।
दोपहर को भोजन खाने के बाद किया हाईवे पर आराम
नेशनल हाईवे पर डेरा कार सेवा शाहाबाद द्वारा हजारों किसानों के लिए लंगर की व्यवस्था हाईवे पर ही की गई। गुरनाम सिंह चढूनी सहित हजारों किसानों ने लंगर प्रसाद ग्रहण किया और दोपहर से सायं तक हाईवे पर ही लेट कर विश्राम किया। दूसरी ओर हजारों की गिनती में पुलिस जवानों ने थाना परिसर में दोपहर का खाना खाया और पुनः अपनी ड्यूटी पर डट गए। वहीं गुप्तचर विभाग भी सिक्र य रहा और किसानों की पल-पल की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाता रहा।

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