सिवाहा गांव में मजदूरों ने आसन गांव के रोजगार सहायक पर लगाए दुर्व्यवहार के आरोप
Haryana Jind news Sivaha, villager laborers accused employment assistant of Asan village of misbehavior
तहलका न्यूज जींद, सुनील कोहाड़ :
मनरेगा मजदूरों के साथ लगातार काम के दौरान बदसलूकी और दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं। शुक्रवार को इसी तरह का मामला जींद ब्लॉक के सिवाहा गांव के मनरेगा मजदूरों का आया। सिवाहा गांव के मनरेगा मजदूर बड़ी संख्या में अपने काम के औजारों कस्सी व तसल्ली के साथ बी.डी.पी.ओ. कार्यालय जींद में पहुंचे।
इन मजदूरों ने सी.ई.ओ. बताया कि उनको पिछले लम्बे समय से काम देने में मनरेगा के कर्मचारी व आसन गांव का रोजगार सहायक अड़चनें डाल रहे हैं। उन्होंने बताया 4 महीनों से काम की डिमांड भेजी जा रही थी, लेकिन उन्हें काम नहीं मिल रहा था। अब 15-15 दिन के काम की डिमांड देने के बाद जान-बूझकर 2- 2 दिन का काम दिया जा रहा है और जब काम पर जाते हैं तो रोजगार सहायक सिर्फ एक दिन का ही काम चलाकर बन्द कर देता है।
मजदूरों ने आरोप लगाते हुए बताया कि सम्बन्धित रोजगार सहायक उनके साथ दुर्व्यवहार करता है। काम के दौरान जब खाना खाने, पानी पीने या आराम करने लगते हैं तो वह वीडियो बनाने लगता है । खेत । मजदूर नेता प्रकाश चन्द्र व सीटू नेता पवन कुमार ने बताया कि मनरेगा के कानून 2005 में बना था । कानून में बाकायदा लिखा हुआ है कि यदि कोई भी मजदूर जिनका मनरेगा जॉब कार्ड बना हुआ है वह काम की मनरेगा में काम की डिमांड कर सकता है, लेकिन स्थानीय कर्मचारी काम देने में जान बूझकर लापरवाही करते हैं।
उन्होंने बताया कि हम मांग करते हैं कि जिले में काम मांगने पर काम दिया जाए और समय पर किए गए काम की दिहाड़ी का भुगतान किया जाए। मनरेगा, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार इत्यादि मांगों को लेकर जींद जिले में भवन निर्माण कामगार यूनियन सम्बन्धित सीटू 30 जून को एक जिला स्तरीय प्रदर्शन करने जा रही है, जिसमें सिवाहा गांव से बड़ी संख्या में मनरेगा के मजदूर हिस्सेदारी करेंगे।

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