हरियाणा में जमकर बरसे बदरा ओलावृष्टि ने बढ़ाई किसानों की चिंता !
Haryana news Badra hail heavily rained in Haryana increased the concern of the farmers
मौसम अपडेट
कृषि मौसम विज्ञान विभाग, चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार
हकृवि -भारत मौसम विज्ञान विभाग :अल्पअवधि मौसम पूर्वानुमान : 18.03.2023 @ सुबह 7.50 बजे जारी --अगले तीन घण्टों के दौरान हरियाणा के फतेहाबाद, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकुला, सोनीपत, झज्जर, पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेवात जिलों व आसपास के क्षेत्रों में हवायों व गरजचमक के साथ कहीं कहीं हल्की बारिश की संभावना है।
तहलका न्यूज, हिसार / सुनील कोहाड़
शुक्रवार की दोपहर बाद मौसम मैं परिवर्तन हुआ और कहीं-कहीं बूंदाबांदी शुरू हो गई। शाम होते होते हिसार में भी तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और करीब 10 मिनट तक बारिश से ज्यादा ओले बरसे। बारिश का सिलसिला पूरी रात शनिवार की सुबह तक चलता रहा। अगर मौसम विभाग की बात करें तो 19 मार्च को एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा और 21 मार्च तक बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। शाम को हुए ओलावृष्टि के कारण मौसम में मम्मी पैदा हो गई है और ठंड ने एक बार फिर दस्तक दे दी है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर हरियाणा में लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को भी देखने को मिला। दोपहर बाद मौसम बदला और शाम तक कहीं बूंदाबांदी तो कहीं ओलावृष्टि भी हुई। इस कारण से मौसम ठंडा हो गया। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 19 मार्च को भी एक ओर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। दो पश्चिमी विक्षोभों के एक साथ सक्रिय होने से 19 से 21 मार्च के बीच बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण बिजली सप्लाई भी बाधित हुई। कई जगह बिजली के तार भी टूट गए। बिजली निगम के कर्मचारी रात तक बिजली सप्लाई को सुचारू करने में लगे रहे। रात भर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। मार्च के आखिरी पड़ाव में शुरू हुई बूंदाबांदी और ओलावृष्टि के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ तौर पर देखी जा सकती हैं। क्योंकि गेहूं की फसल पकने वाली है और ऐसे में यह बारिश उनके लिए किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है।
शुक्रवार शाम को हिसार के बालसमंद, भिवानी जिले के झुपाकलां, बहल, मंदौली कलां, ईश्वरवाल, मोरकां, सैनीवास, सिंघानी, महेंद्रगढ़ के पचेरी कलां आदि में हल्की से मध्यम बारिश व कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई। डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि इस पश्चिमी विक्षोभ का असर 18 मार्च तक रहेगा। इसके साथ ही 19 मार्च से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। दोनों पश्चिमी विक्षोभ से प्री मानसून गतिविधियों की संभावना बन रही हैं। इस दौरान प्रदेश में न्यूनतम तापमान 14.5 से 19.8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
शुक्रवार को सिरसा में सुबह से ही बादल छाने के बाद दिनभर ठंडी हवाएं चलती रहीं। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई। कई क्षेत्रों में हवा चलने के कारण गेहूं को हल्का नुकसान भी हुआ है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री व न्यूनतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया है। हालांकि रात को घने बादल छाने के साथ तेज हव भी चलने से ठंड बढ़ी है। चरखी दादरी में बादल छाए रहे। ठंडी हवाओं के चलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।

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