स्वतंत्रता दिवस स्पेशल पेज


 

Breaking News

फसल खराबे की 72 घंटे में शिकायत ना करने का बहाना बनाकर मुआवजा देने से बच नहीं सकती सरकार - राकेश टिकैत

 Government cannot avoid giving compensation by making an excuse for not complaining about crop failure in 72 hours - Rakesh Tikait


ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का तुरंत मुआवजा दे सरकार - टिकैत


तहलका न्यूज जींद, कैथल


बारिश और ओलावृष्टि से नष्ट हुई गेहूं सरसों वह अन्य फसलों का मुआवजा सरकार को तुरंत प्रभाव से किसानों को देना चाहिए क्योंकि आज प्रदेश के किसानों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उनके खेतों में खाने के लिए भी अनाज का दाना नहीं बचा है जिसकी वजह से किसान के बेमौसम बारिश की चपेट में आने से मजदूर व्यापारी का काम धंधा भी चोपट हो गया है। उक्त शब्द भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने जींद जिले के गांव जाजवान और कैथल जिले के गांव शिमला में किसानों को संबोधित करते हुए कहे। 










किसान राजेश ने फोन पर रोते हुए सुनाया था राकेश टिकैत को दुखड़ा


जाजवान गांव के किसान राकेश वाक्यों के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश के पास फोन किया और अपना दुखड़ा सुनाते हुए रो पड़ा। रोते हुए किसान राजेश ने टिकैत से कहा कि सब कुछ बर्बाद हो गया है। बेमौसम बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है और सरकार किसानों की सुध लेने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही। किसान राजेश ने बताया कि आसपास के गांव के किसानों की हालत उसके जैसी हो गई है। राजेश की बातें सुनते हैं किसान नेता ने आश्वासन दिया कि मंगलवार को जाजवान गांव में आएंगे। 









भौतिक गिरदावरी के बगैर किसानों को उचित मुआवजा मिलना नामुमकिन - राकेश टिकैत 

जाजवान गांव पहुंचे राकेश टिकैत ने कहा कि खराबे के बैटरी घंटे के अंदर शिकायत करना सरकार मुआवजा देने का बहाना तलाश रही है। फसलों में नुकसान का सही आकलन 1 सप्ताह बाद पता चलता है। टिकैत ने कहा कि जब तक जमीनी स्तर पर सर्वे नहीं होगा। तब तक किसानों को पूरा मुआवजा असंभव है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि के साथ तेज हवाएं चलने से गेहूं की फसल गिर गई है। जिसके कारण अब फसल का दाना मोटा होने के बजाय पिचक जाएगा और कुछ समय बाद काला हो जाएगा। उन्होंने सरकार द्वारा 72 घंटे के अंदर अंदर शिकायत करने पर बोलते हुए कहा कि बारिश के तुरंत बाद नुकसान का सही आकलन नहीं हो पाता तो किसान ऐसे में 72 घंटे के अंदर इसकी शिकायत कैसे करें। साथी एक साथ शिकायत करने के लिए अधिकारियों के पास काफी भीड़ इकट्ठा हो जाती है ऐसे में काफी किसान शिकायत नहीं कर पाते। इसलिए सरकार को जमीनी स्तर पर अधिकारियों को को भेज कर सही आकलन करवाकर किसानों को मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों को कम से कम 25 हजार रुपए नुकसान की भरपाई की जाए। क्योंकि जजवान गांव सहित आसपास के गांव में गेहूं की फसल में 70% से अधिक नुकसान हुआ है।







ओणे पोणे दामों  में फसल बेचने को मजबूर किसान, सरकार करवाए सरकारी खरीद शुरू

राकेश टिकैत ने कहा कि सरकारी कागजों में तो सरसों की सरकारी खरीद हो रही है लेकिन मंडियों में किसान सरसों की फसल बेचने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। जब किसान के समय पर फसल नहीं दिखती तो किसान परेशान होकर उसको औने पौने दामों में बेचने के लिए मजबूर हो जाता है। सरकार को चाहिए कि तुरंत प्रभाव से सरकारी खरीद शुरू करवाएं और नियम बनाए कि किसी भी किसान की फसल एमएसपी से नीचे नहीं खरीदी जाएगी। 









किसान आंदोलन के समझौते को लागू नहीं कर सरकार आंदोलन को बढ़ावा देने समान - टिकैत

किसान आंदोलन के दौरान हुए समझौते को लागू नहीं करने पर सरकार पर निशाना साधते हुए टिकैत ने कहा कि सरकार को तुरंत एमएसपी समेत सभी मांगों को पूरा कर देना चाहिए। किसी भी आंदोलन में हुए समझौतों को लागू करना सरकार का नैतिक दायित्व बनता है। ऐसा नहीं करके सरकार आंदोलन के रास्ते को अपनाने के लिए बढ़ावा देना चाहती है। दिल्ली में 20 मार्च को किसानों ने ट्रेलर दिखाया था, यदि जरूरत पड़ी तो पूरी फिल्म किसान सरकार को दिखाने के लिए तैयार बैठे हैं।









सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान मजदूर और छोटे व्यापारियों की हालत खस्ता - राकेश टिकैत 

पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में किसानों की गेहूं और सरसों सहित सब्जियों की फसलों में काफी नुकसान हुआ है । जिसके कारण काफी किसानों की दशा इतनी खराब हो गई है कि वह अपने आप को संभाल नहीं पा रहे। जींद जिले के जाजवान गांव के किसान भारतीय किसान यूनियन के नेता सुनाया तो प्रदेश के किसानों के लिए ‌निकल पड़े‌। राकेश टिकैत ने कहा कि गेहूं, सरसों, सब्जी, आम व अन्य फसलों में हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग सरकार से की। सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी और समाज का हर मेहनतकश वर्ग आर्थिक संकट से जूझ रहा है। 





टिकैत का सरकार पर तंज, आम आदमी की बजाय कुछ पूंजीपतियों का ख्याल रखना सरकार की प्राथमिकता 

टिकैत ने तंज कसते कहा कि देश प्रदेश की भाजपा सरकार आम जनता के हितों का भला करने की बजाए कुछ पूंजीपति घरानों का अधिक ख्याल रख रही है। इसके कारण किसान, मजदूर, व्यापारी की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है और पूंजीपतियों का मुनाफा लगाकर आसमान छू रहा है। 










राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करना लोकतंत्र की हत्या - राकेश टिकैत 

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि भाजपा नेताओं के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही। द्वेष की भावना रखते हुए विपक्षी दलों के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। राहुल गांधी की बात से किसी को कोई जान माल की हानि नहीं हुई और ऐसे में उनकी सदस्यता रद्द करना लोकतंत्र की हत्या करने के बराबर है। इतना कहा कि भाजपा समर्थित नेताओं के बहकावे में आकर छतीस बिरादरी के भाईचारे को तोड़ने के लिए कोशिश की जा रही है। ताकि हमारे भाईचारे में फूट डालकर कर लंबे समय तक हमारे ऊपर राज कर सके। इसके लिए जातियों को आपस में बढ़ाने के लिए अलग-अलग जातियों में संगठन खड़े करवा दिए हैं। जो छोटी-छोटी बातों पर हुए झगड़े को इतना तुल दे देते हैं कि वो आपस का मुद्दा ना रहकर देश प्रदेश का मुद्दा बन जाता है। इसके लिए खाप पंचायतों को आगे आना होगा। अगर इस राज से मुक्ति पानी है तो हमें एकजुट रहना होगा और विपक्षी दलों को भी एकजुट होकर इस तानाशाही सरकार को देश प्रदेश से हटाना होगा।





जैसे ही राकेश टिकैत के जाजवान में पहुंचने की सूचना किसानों को लगी रामराय, भैण, पोंकरी खेड़ी, गुलकनी, ईक्कस, सीसर, जलालपुरा, संगतपुरा, दरियावाला इटल, मिर्चपुर इत्यादि गांव से किसान ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर पहुंच गए।




इस अवसर पर भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतनमान, राष्ट्रीय महासचिव रामफल कंडेला, जिला प्रैस प्रवक्ता रामराजी ढुल, रत्न मान, गुरनाम सहारण, जोगेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह सहारण, सोनू, जियालाल, जिले सिंह, टेक चंद मोर, छोटा राम, जोरा सिंह, बदन सिंह, बलबीर सिंह, मनप्रीत सिंह, पीयूष मोर, महावीर सिंह, सुभाष सिंह, मास्टर राजकिशन व रमेश कुमार मौजूद रहे।




#राकेशटिकैत #हरियाणा #जींद #कैथल #किसान #भाकियू #जाजवान #शिमला #राहुलगांधी #भाजपा #सरकार

कोई टिप्पणी नहीं

Thanks

Home; | DMCA; | Disclaimer; | Privacy Policy; | About Us; | Contact Us; |