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हांसी के नजदीकी गांव में पति-पत्नी सहित दो बैंक कर्मचारियों पर फर्जीवाड़े का मामला दर्ज, जेल में बंद व्यक्ति के बैंक खाते से उड़ाए रुपए !

Haryana Hisar news In Hansi's confusion, two bank employees including husband and wife faced a case of forgery.


तहलका न्यूज / हांसी सुनील कोहाड़


हांसी के नजदीकी गांव सुर्खी का एक व्यक्ति हत्या लूट जैसी संगीन आरोपों में जेल में बंद था उसी दौरान उसके भतीजे और उसकी पत्नी ने उसके बैंक खाते में जमा पूंजी को अवैध तरीके से निकाल ली। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पीड़ित व्यक्ति की पत्नी, भतीजे सहित दो बैंक कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल सभी आरोपित पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।







भतीजे व उसकी पत्नी के प्रेम जाल में फंसा अपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति से धोखाधड़ी 

पुलिस को दी शिकायत में हांसी के नजदीकी गांव सोरखी निवासी टेकराम ने बताया कि वो पिछले सालों से हत्या, लूटपाट जैसे संगीन अपराध करने के मामलों में फरीदाबाद, पलवल और राजस्थान की जेल में बंद था। उसकी पत्नी करीना और एक बेटा है जोकि नाबालिक है। घर पर वो दोनों ही रह गए। उसी दौरान उसका भतीजा सुनील और उसकी पत्नी गीता उसके घर पहुंची और उसकी पत्नी को विश्वास जिला की आगे से केस की पैरवी के कार्य वह खुद संभाल लेंगे। उन्हें किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन दोनों ने ऐसा प्रेम जाल बिछाया कि अपने आप ही घर में रखे कागजात अन्य सामान अपने आप लेकर आते जाते रहे और किसी को धोखाधड़ी करने की कोई भनक तक नहीं लगने दी।






पैसे निकलवाने बैंक गया तो खाली मिला बैंक खाता 

टेकराम ने बताया कि उसका बैंक खाता सोरखी गांव स्थित सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक में है और जेल जाने से पहले व बाद में इसी बैंक खाते से लेन-देन होता रहा है जेल से जो उसको मेहनताना मिलता था उसे भी उसके इसी बैंक खाते में जमा किया जाता था। सन 2016 में वो जेल से बाहर आ गया। जेल से बाहर आने के कुछ समय बाद जब उसको किसी कार्य के लिए पैसों की जरूरत पड़ी तो पैसे निकलवाने के लिए बैंक गया। लेकिन बैंक वालों ने यह कहते हुए मना कर दिया कि उसके खाते में इतनी पूंजी नहीं है। जब उसने अपने खाते की स्टेटमेंट मांगी तो उन्होंने स्टेटमेंट देने से मना कर दिया। जिससे उसे अपने साथ कुछ गड़बड़ होने का शक हुआ। 






आरटीआई से हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा 

टेकराम ने बताया कि दिसंबर 2021 में उसने बैंक स्टेटमेंट लेने के लिए एक आरटीआई लगाई तो बैंक ने आरटीआई के माध्यम से उसके बैंक खाते की स्टेटमेंट उसे दे दी। जब स्टेटमेंट का बहन का समर्थन किया गया तो खुलासा हुआ कि जनवरी 2016 में उसके खाते से ₹280000 फर्जी तरीके से निकाले गए हैं क्योंकि जिस समय यह रकम उसके खाते से निकाली गई उस समय वह जेल में बंद था और घर के सभी कागजात व बैंक खाते की डिटेल सुनील और गीता के पास थी ।जिन्होंने उसके चेक पर फर्जी हस्ताक्षर करके बैंक मैनेजर व कैशियर से मिलीभगत करके उसके साथ फार्ड़ किया है।







फर्जी दस्तावेजों से नौकरी करने का लगाया आरोप 

टेकराम ने आरोप लगाते हुए बताया कि सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक सोरखी में कैशियर के पद पर कार्यरत कर्मबीर शुरू दिन से फर्जी तरीके से काम करने मैं विश्वास करता है क्योंकि वो जिसमें नौकरी पर लगा था उसमें उसमें अपने जन्मतिथि के जूते कागजात तैयार करवाए थे और उसी आधार पर आज भी नौकरी कर रहा है जबकि उसकी उम्र 63 साल हो चुकी है। क्योंकि उसकी जन्मतिथि 14 जनवरी 1959 है। उसने आरोप लगाया कि कैशियर कर्मबीर उस समय भी कैशियर था जब वो जेल में बंद था और आज भी कैशियर है। वह अब भी बैंक में गलत तरीके से नौकरी करके बैंक, सरकार व जनता आम को धोखाधड़ी करके सरकार व बैंक को चूना लगा रहा है।






इनके खिलाफ हुआ मामला दर्ज 

टेकराम की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसके भतीजे सुनील व उसकी पत्नी गीता और बैंक कैशियर कर्मवीर और मैनेजर पवन गर्ग के खिलाफ धारा166, 166 ए. 420, 467, 468, 471, 120बी, 380 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल सभी आरोपित पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

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