पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर चंडीगढ़ पंचकूला सीमा पर बवाल, कर्मचारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने किया वाटर कैनन का प्रयोग !
Chandigarh Haryana news Police used water cannon for ruckus on Chandigarh-Panchkula border demanding restoration of old pension.
तहलका न्यूज़ चंडीगढ़
सरकार द्वारा लागू की गई नई पेंशन स्कीम के विरोध में कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया था इसको लेकर वह पंचकूला में जुटे और रविवार को जैसे ही उन्होंने चंडीगढ़ के लिए कूच किया तो पंचकूला चंडीगढ़ सीमा पर पुलिस ने उन्हें रोकना चाहा। इस दौरान पुलिस कर्मचारियों के बीच काफी नोकझोंक हुई और धक्का मुक्की कर कर्मचारियों ने रिकेट्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश उनके ऊपर पानी की बौछारें बरसाई।
हरियाणा के सरकारी कर्मचारी पिछले काफी सालों से पुरानी पैंशन स्कीम लागू कर नई पेंशन स्कीम का विरोध कर रहे हैं। इसको लेकर कर्मचारियों ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के आवास का घेराव करने का फैसला लिया था। इसको देखते हुए हरियाणा व चंडीगढ़ पुलिस ने रविवार सुबह ही पंचकूला और चंडीगढ़ सीमाओं को सील कर दिया था और भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनात कर दिया था।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि पुरानी पैंशन स्कीम की मांग को लेकर वह आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें केंद्र व राज्य सरकार की NPS योजना में कोई रूचि नहीं है। उन्हें सिर्फ ओल्ड पेशन स्कीम के तहत ही पैंशन मिलनी चाहिए। हरियाणा में बजट सत्र से पहले ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को लेकर कोहराम मच गया है। OPS की मांग को लेकर रविवार को प्रदेशभर के कर्मचारियों ने पंचकूला से चंडीगढ़ कूच किया तो चंडीगढ़ पुलिस ने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को चंडीगढ़ पंचकूला बॉर्डर पर रोक लिया। जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर झड़प हुई और धक्का मुक्की कर बेरिकेट्स हटाकर चंडीगढ़ में चूसने की कोशिश की तो पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग कर कर्मचारियों पर पानी की बौछारें बरसाई।
पानी की तेज बौछारों और पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की में काफी कर्मचारियों को चोटें लग गई। इसके बावजूद भी कर्मचारी नहीं रुके तो पुलिस ने उन पर जमकर लाठियां बरसाई। जिससे कारण चंडीगढ़-पंचकूला बॉर्डर पर माहौल तनावपूर्ण बन गया है। तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया गया।
2006 के बाद राज्य के विभिन्न विभागों में तैनात हुए 1.74 लाख कर्मचारी ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग कर रहे हैं। वहीं 20 फरवरी से शुरू होने जा रहे हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र भी काफी हंगामेदार होने वाला है। हरियाणा कांग्रेस सदन में पुरानी पैंशन स्कीम ( ओपीएस ) की मांग का मुद्दा विधानसभा में उठाएगी। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा 2024 में राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर ओपीएस को लागू करने की घोषणा कर चुके हैं। सीएलपी की मीटिंग में भी कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सदन में सरकार को घेरने की योजना बना चुकी है। इसके अलावा कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश में पुरानी पैंशन स्कीम को लागू कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस की पुरानी पैंशन स्कीम लागू करने की घोषणा से ही विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जीत का परचम लहराया है। हाल ही में राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने नोटिस देकर राज्यसभा में मुद्दा उठाने की मांग कर चुके हैं।
हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने भी पुरानी पैंशन स्कीम को लेकर कहा था कि कर्मचारियों की इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बातचीत हुई है। ओपीएस और एनपीएस में जो चार फीसदी का अंतर है। जिसके तहत 10 प्रतिशत सरकार जमा करती हैं और कर्मचारी 14 प्रतिशत जमा करते हैं। इसको लेकर हरियाणा सरकार भी जल्द प्रस्ताव लेकर आएगी कि हम एनपीएस और ओपीएस के इस अंतर को खत्म कर कर्मचारियों को लाभ पहुंचाया जा सके। इससे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

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