सरपंच पद के चुनाव में दो उम्मीदवारों में कांटे की टक्कर, घर, जमीन जायदाद लगे दाव पर !
पंचायत चुनाव के सुलचानी महाकुंभ में करोड़ों रुपए खर्च, शराब का खेल, पूरे गांव के मुंह में उंगली डाल दी पर दांत नहीं क्या ?
सुलचानी गांव में बदलाव की लहर या कांटे की है टक्कर, कौन किससे खुश!
सुल्तानी गांव के ग्रामीण क्या कहते हैं, देंखे वीडियो !
हिसार : सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज
हिसार जिले में सरपंच पद के चुनाव को लेकर नारनौंद उपमंडल का गांव सुलचानी इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है, क्योंकि इस चुनाव में यंग उम्मीदवार मंजीत नंबरदार है तो उनके सामने पूर्व सरपंच बिजेंद्र उर्फ बिन्दर चुनावी मैदान में हैं। दोनों ही उम्मीदवार एक दूसरे को पटकनी देने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने दे रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो इस गांव में सरपंच पद को लेकर अब तक डेढ़ से दो करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। खुलेआम वोटों की खरीद फरोख्त चल रही है और लोग उम्मीदवारों से रुपए बटोरने में लगे हुए हैं। जोकि लोकतंत्र के खिलाफ है। अगर यही हाल रहा तो गांव का भविष्य अंधकारमय होने वाला है। जबकि ग्रामीण चुनाव 70-30 का बता रहे हैं और पूर्व सरपंच पर अनेक गंभीर आरोप लगा रहे हैं। वहीं पूर्व सरपंच ब्राह्मण समाज से ताल्लुक रखते हैं और इस चुनाव में ब्राह्मण समाज भी दो हिस्सों में बंटा हुआ है, जोकि अन्य चुनाव में पूर्व सरपंच का हितैषी रहा है और इस चुनाव में वो मंजीत नंबरदार के समर्थन में खुलकर आया हुआ है। वहीं ग्रामीणों ने सरपंची के दौरान पूर्व सरपंच बिजेंद्र उर्फ बिन्दर पर भ्रष्टाचार करने, शामलाती भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने व करवाने सहित अनेक गंभीर आरोप लगाए और एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप की राजनीति हावी होती दिखाई दे रही है। लेकिन ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है ये सब तो 25 नवंबर को मतगणना के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी।
सुलचानी गांव के राजू दुहन, बलराज, नवीन दुहन, बिन्द्र, सचिन, ज्योत, सोनू शर्मा, पोना, रामनिवास, राजेश, अश्विनी, भूप शर्मा सुलचानी, संदीप, विक्रम, राजेश इत्यादि ने बताया कि 2016 से पहले ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच बिजेंद्र सिंह की मां होशियारी देवी सरपंच बना दिया था और 2016 के पंचायत चुनाव में बिजेंद्र सिंह को सरपंच बना दिया। इन दोनों योजनाओं में सरपंची बिजेंद्र सिंह उर्फ बिन्दर ने ही की है और इन दोनों कार्यकाल में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। जमीनों पर अवैध कब्जे, पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु द्वारा दी गई ग्रांट को गांव के विकास में लगाने की बजाय खुद व अपने परिवार के विकास पर खर्च कर भारी गबन किया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि गांव की गलियां गंदगी व कीचड़ से सनी हुई हैं। गांव में तैनात सफाई कर्मचारी भी गलियों व गंदे पानी की निकासी वाली नालियों की सफाई करने नहीं आते। वहीं नवीन व अन्य ने बताया कि गांव में स्टेडियम पहले से बना हुआ है और उसकी देखरेख के लिए कर्मचारी नियुक्त हैं, जिसका आज तक कोई अत्ता पत्ता ही नहीं है। स्टेडियम के गेट टूटे हुए हैं और सफाई भी कभी कभार ही हो पाती है। ऐसे में युवाओं को गंदगी के ढेर पर खेलों का अभ्यास करना पड़ रहा है। वहीं स्टेडियम में आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे खिलाड़ियों की जान पर हर समय खतरा मंडराता रहता है। ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच एवं मौजूदा उम्मीदवार पर पैसे के बदले वोट खरीदने का भी आरोप लगाया। इसलिए गांव इस बार बदलाव का मुड बना चुका है और ये चुनाव 70-30 का होने जा रहा है।
ग्रामीण पोना पहलवान, राजेश ने कहा कि पूर्व सरपंच द्वेषपूर्ण तरीके से काम कर रहा था, शामलाती भूमि पर कब्जा खुद पूर्व सरपंच बिजेंद्र उर्फ बिन्दर ने जोहड़ी पर अवैध रूप से कब्जा करके बनाया हुआ है और ये रजिस्ट्री बाकायदा नंबर की है जबकि इस प्लाट पर बिजेंद्र उर्फ बिन्दर व उसके परिवार का दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं है और पूर्व सरपंच अन्य लोगों के मकान अवैध बताकर उनको गिराने पर तुले हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि गांव सुलचानी के पंचायत चुनाव में अब तक डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होने का दावा किया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व सरपंच बिजेंद्र उर्फ बिन्दर पैसे के दम पर चुनाव मैदान में उतर कर गांव के माहौल को खराब कर रहा है। ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच पर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व सरपंच नहीं चाहता कि उसके व उसके परिवार के अलावा कोई व्यक्ति सरपंच चुना जाए। अगर उसकी चले तो वो रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन की तरह जब तक जीवित रहे वहीं सरपंच बनकर गांव के विकास में रोड़ा अटकाते रहे। चुनाव में गांव के युवाओं व अन्य काबिल व्यक्ति को भी गांव का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलना चाहिए। इसलिए गांव में इस बार बदलाव की लहर दौड़ गई है।
गांव सुलचानी के कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले कुछ सालों से गांव में नशा, चोरी की वारदातों में बढ़ौतरी हुई है और गांव में नशे का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। पंचायत चुनाव में भी शराब धड़ल्ले से परोसी जा रही है और गांव में हर वोट की कीमत तय की गई है। गरीब तबके के लोगों को हर बार प्रताड़ना का शिकार होना पड़ रहा है। उनके हकों को उनको देने की बजाय कुछ लोग पहले ही हड़प लेते हैं और चुनाव में उनके वोटो की कीमत तय की जाती है। कुछ लोग उनके बहकावे में आकर अपने मत को कुछ रुपयों में बेच रहे हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। क्योंकि हमारा वोट अनमोल है और उसकी कुछ कीमत लेने के कारण ही हमारे गांव व समाज का ना ही तो विकास हो पाता है और ना ही सभी योजनाओं का लाभ हकदार व्यक्ति को मिल पाता है। चुनाव के समय होने वाले भ्रष्टाचार को चुनाव के दौरान ही निष्पक्ष तरीके से मतदान करके इसकी जड़ को खत्म किया जा सकता है। अगर हम अपना वोट पैसों व नशे में ना बेचकर अपनी बुद्धि विवेक से मतदान करेंगे तो हमारे गांव का भी विकास होगा और समाज में भाईचारा भी बढ़ेगा। इसलिए हमें जात पात, धर्म को भुलाकर सही व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि चुनना चाहिए।
पूर्व सरपंच एवं सरपंच पद के उम्मीदवार बिजेंद्र उर्फ बिन्दर ने बताया कि जो आरोप लगाए जा रहे हैं वो निराधार हैं, इन दस सालों में गांव में काफी विकास कार्य करवाए गए हैं, समय के साथ साथ आबादी बढ़ती जा रही है तो समस्याएं भी पैदा होती रहती है। फिलहाल गांव में गंदे पानी की निकासी की समस्या है, इसलिए इस बार इस समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
सुलचानी गांव के अरुण पंच, सुभाष ने बताया कि पिछले दस सालों में गांव में रिकार्ड तोड विकास कार्य करवाए गए हैं। गांव की गलियां कच्ची थी और कीचड़ से सनी रहती थी, लेकिन बिजेंद्र उर्फ बिन्दर ने इन दस सालों में सभी गलियों को पक्का करवाने सहित बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य करवाए हैं। उनको गांव की छतीस बिरादरी का समर्थन है। वहीं ग्रामीण कार्यो से खुश हों तो कोई भी व्यक्ति कितने भी समय तक गांव का सरपंच बन सकता है। सुलचानी गांव के लिए कोई आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि इससे पहले एक व्यक्ति तीन योजना सरपंच रह चुका है।
Hindinews>haryana>hisar>narnaund>news>Money, liquor game in Sulchani Mahakumbh of Panchayat elections, Hisar news Today, latest news Haryana Today,

कोई टिप्पणी नहीं
Thanks