सात फेरे लेते ही पूजा ने भरा सरपंची का नामांकन, शादी के पन्द्रह दिन बाद नई नवेली दुल्हन को मिली घर के साथ गांव की चौधर !
Hindi news haryana news>Sarpanchi's nomination filled after taking seven rounds, after ten days of marriage, the new bride got the house along with the village chaudhar, Fatehabad news Today, panchayat election news Fatehabad
फतेहाबाद: सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज
भले ही हरियाणा सरकार में राज्य मंत्री एवं बीजेपी कोटा से राज्य मंत्री अनूप धानक की सगी चाची गांव राजली में सरपंच पद का चुनाव हार गई हो और जेजेपी के प्रदेश अध्यक्ष निशान सिंह का बेटा भी चुनाव हार गया है लेकिन पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के खास खास गांव टिब्बी निवासी सुशील के छोटे भाई की दस दिन पहले बनी पत्नी शपथ पद का चुनाव जीत गई है।
पंचायत चुनाव को लेकर हर गांव में काफी कांटेदार मुकाबले हुए और कई परिवार सरपंच पद के हासिल करने के लिए पढ़ी लिखी बहू ब्याह कर भी लाए। ऐसा ही मामला फतेहाबाद जिले के टिब्बी गांव में भी सामने आया है। जहां पर नामांकन पत्र दाखिल करने के अंतिम दिन सात फेरे लेने के बाद पूजा सारण ने नामांकन पत्र दाखिल किया और शादी के करीब 2 सप्ताह बाद 31 वोटों से जीत हासिल कर सरपंच चुनी गई। ऐसे में पूजा सहारण के कंधों पर अपने घर की ही नहीं बल्कि पूरे गांव के विकास की जिम्मेवारी भी पड़ गई है।
आपको बता दें कि गांव झलनिया निवासी किशोरी लाल गोदारा की बेटी पूजा का रिश्ता गांव टिब्बी निवासी जगदीश सहारण के बेटे सुनील के साथ तय हुआ था और सात फेरे लेने का शुभ मुहूर्त 11 नवंबर को निकला था शादी के सात फेरे लेते ही पूजा सहारण सीधे नामांकन पत्र दाखिल करने पहुंची और सरपंच पद के लिए अपना नामांकन पत्र भरा। उसी दिन सरपंच पंच के लिए नामांकन पत्र भरने का आखिरी दिन था। गांव के चुनावी दंगल में 7 महिला सरपंच पद के लिए अपनी किस्मत दी मारी थी, लेकिन पूजा सहारण का मुकाबला मुख्य रूप से मंजू बाला के साथ था। इस कांटेदार मुकाबले में पूजा ने अपनी प्रतिद्वंदी मंजू बाला को 31 मतों से मात देते हुए जीत हासिल की और गांव की सरपंच निर्वाचित हुई ऐसे में नई नवेली दुल्हन पूजा सहारण के कंधों पर अपनी नई ग्रहस्ती के साथ-साथ पूरे गांव की जिम्मेदारी का बोझ भी पड़ गया है।
गांव के निर्वाचित सरपंच पूजा ने बताया कि उसका सौभाग्य है कि ससुराल में कदम रखते ही वह गांव की सरपंच चुनी गई है वह पढ़ी-लिखी होने के नाते गांव का विकास सही ढंग से करवाने का का माद्दा रखती है। वहीं उसका जेट सुशील पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के काफी नजदीकी हैं । ऐसे में गांव के विकास व समस्याओं का समाधान करवाने में उन्हें कोई खास दिक्कत आने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए अपने पति के साथ मिलकर खास रोडमैप तैयार किया है ताकि गांव का विकास शहरों की तर्ज पर करवा जा सके।

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