मोरबी गुजरात हादसा : लापरवाह या अनाड़ी ठेकेदार, पुल की मुरम्मत की, जर्जर केबल बदली होती तो शायद नहीं जाती सैकड़ों लोगों की जान !
Morbi Gujarat Accident: Negligent or clumsy contractor, repaired the bridge, if the dilapidated cable had been replaced, hundreds of people might not have died!
Gujarat morbi hadsa
मोरबी निर्दोष लोगों की मौत का कारण बने झूलते पुल की मरम्मत अनाड़ी ठेकेदार ने की थी । उसने कमजोर और जर्जर केबल तक नहीं बदले । इस कारण वह लोगों का बोझ नहीं झेल पाया और 135 लोगों की जान ले ली । पुलिस ने यह खुलासा मंगलवार को मोरबी की अदालत में किया गिरफ्तार आरोपियों की पेशी के दौरान एक फोरेंसिक रिपोर्ट के हवाले से पुलिस ने बताया कि पुराने पुल की मरम्मत का ठेका जिस ठेकेदार को दिया गया था , वह इस काम को करने के काबिल ही नहीं था । पुल पर नई कारपेटिंग तो कर दी गई , लेकिन उसके जर्जर हो चुके केबल नहीं बदले गए । अभियोजन के दावे के बाद अदालत ने गिरफ्तार नौ आरोपियों में से चार को शनिवार तक पुलिस हिरासत में भेज दिया । इनमें ओरेवा कंपनी के दो मैनेजर शामिल हैं । ओरेवा कंपनी ने जिन दो लोगों को आगे ठेके पर दिया था , उन्हें भी पुलिस रिमांड पर भेजा गया है । मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमजे खान ने पांच अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया । पुलिस ने सोमवार को इन सभी गिरफ्तार लोगों पर गैर इरादन हत्या का मामला दर्ज किया था । वहीं पीएम मोदी ने बाद में मोरबी के दरबारगढ़ महल पहुंचकर दो दिनों से लगातार बचाव कार्य में जुटे लोगों से भी मिलकर हौसला बढ़ाया पीएम ने घटनास्थल का हवाई जायजा लिया , बाद में अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे । पीएम मोदी करीब एक घंटे तक मोरबी में रहे ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोरबी हादसे के हर पहलू की पहचान के लिए विस्तृत व सघन जांच जरूरी बताई है । पीएम ने मंगलवार शाम मोरबी के एसपी दफ्तर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल , वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर हादसे की समीक्षा की । उन्होंने निर्देश दिया कि जांच के निष्कर्षों को जल्द से जल्द अमल में लाया जाए ।
पीएम मोदी को अधिकारियों ने हादसे के बाद बचाव अभियान व पीड़ितों को दी जा रही मदद की जानकारी दी । इससे पहले , पीएम ने झूलता पुल हादसे के पीड़ितों से सिविल अस्पताल में मुलाकात कर उनका हाल जाना । स्वास्थ्य सचिव मनोज अग्रवाल ने बताया , पीएम पीड़ितों से मिले और उनसे सहानुभूतिपूर्वक घटना के बारे में पूछा ।
मृतकों का आंकड़ा 135 हुआ |
कुछ शव अब भी नदी में दबे होने की आशंका झूलते पुल का केबल टूटने के कारण देश में एक दशक का सबसे भयानक हादसा हुआ था । हादसे में अब तक 135 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 100 लोग घायल हैं । अब भी कुछ शवों के मच्छु नदी में दबे होने की आशंका जताई जा रही है और वहां राहत अभियान जारी है । 170 लोगों को सुरक्षित बचाया , 17 अब भी भर्ती हादसे के बाद 170 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है । इनमें से सिर्फ 17 का अब मोरबी के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है । सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला , 14 को सुनवाई याचिका में देश के सभी पुराने सार्वजनिक ढांचों की विस्तृत सुरक्षा ऑडिट , राज्यों में स्थायी आपदा जांच दल को ऐसी प्रासदियों में तुरंत शामिल करने सुप्रीम कोर्ट में हादसे पर दायर जनहित याचिका पर 14 नवंबर को सुनवाई होगी ।
वकील विशाल तिवारी ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस यूयू ललित व जस्टिस बेला एम त्रिवेदी से जल्द सुनवाई की मांग की गई है । का आग्रह किया सीजेआई ने पूछायाचिका के अनुसार , ऐसी घटनाएं प्रथमदृष्टया प्रशासन की चूक , लापरवाही , विफलता व सरकारी अधिकारियों की जनता के प्रति कर्तव्यहीनता को दर्शाती है । आपने बहुत तेजी दिखाई है । तिवारी ने कहा , मामले में न्यायिक जांच होनी चाहिए । इस पर पीठ ने तारीख तय कर दी । ओरेवा ने अपना फार्महाउस किया बंद ओरेवा कंपनी ने अहमदाबाद में अपना फार्महाउस बंद कर दिया है । घटना वाले दिन कंपनी की वेबसाइट बंद थी , पर अब वेबसाइट काम कर रही है ।
Gujarat morbi hadsa, PM Narender Modi, PM Narender Modi latest News, latest News Morbi hadsa, latest News India, Hindi news, Gujarat News Today Live, The death toll was 135. Some dead bodies are still feared to be buried in the river, due to the breaking of the cable of the swinging bridge, the worst accident of a decade happened in the country. So far 135 people have died in the accident and at least 100 people are injured. Still some dead bodies are feared to be buried in the Machhu river and relief operations are going on there. 170 people saved safely, 17 still after the recruitment accident 170 people have been saved safely. Of these, only 17 are now being treated at various hospitals in Morbi. The matter reached the Supreme Court, a detailed security audit of all the old public structures of the country in the hearing petition on 14, the Public Interest Litigation filed on the accident in the Supreme Court will be heard on November 14 to immediately include the Permanent Disaster Investigation Team in such states in the states. Advocate Vishal Tiwari has demanded an early hearing from Chief Justice UU Lalit and Justice Bela M Trivedi. According to the petition, such incidents prima facie show the lapse of administration, negligence, failure and inaction of government officials towards the public. You have shown great speed. Tiwari said, there should be a judicial inquiry in the matter. On this the bench fixed the date. Oreeva shuts down its farmhouse The Orewa company has closed its farmhouse in Ahmedabad. The company's website was closed on the day of the incident, but now the website is working.

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