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गांव राजली में जल मग्न हुई बस्ती, खेत और स्कूल ग्रामीण पलायन करने पर हुए मजबूर !

बरसाती पानी की निकासी ना होने से परेशान ग्रामीण, प्रशासन पर लगाया कुंभ कर्णी नींद सोने का आरोप !


 हिसार : सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज

गांव राजली के ग्रामीणों ने बरसाती पानी की निकासी ना होने के चलते सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया। गांव राजली में पिछले दिनों बारिश के कारण सैंकड़ो एकड़ जमीन जलमग्न हो गई । सरदानन्द राजली ने जारी एक प्रेस ब्यान में बताया कि गांव राजली के सरकारी गर्ल हाई स्कूल एंव हाई स्कूल दोनों स्कूलों में पिछले तीन महीनों से पानी भरा पड़ा है। बच्चें स्कूल जाने से डरते है डूबने का खतरा बना रहता है। स्कूल के प्रांगण और खेल के ग्राउंड में पानी भरा पड़ा है। गांव के बड़े सरकारी स्कूल का मैन गेट पानी के कारण बंद रहता है छात्रों और अध्यापकों को स्कूर की दिवारों से कूदकर स्कूल में आने जाने को मजबूर होना पड़ रहा है ।









ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि हर कोई बारिश का इंतजार करता है, लेकिन राजली गांव में हर साल बारिश होती है तो हर साल बस्ती उजड़ जाती है। घरों की दिवारों में दरार आ जाती है फर्स टूट जाते है। लेकिन प्रशासन द्वारा बरसाती पानी की निकासी का कोई स्थाई समाधान नहीं किया जाता। मकान की छत गिरने का डर बना रहता है। मलेरिया, डेंगू जैसी बिमारियां फैल रही है। खतरनाक कीड़े, सांप और बिच्छु घरों में रेंगते रहते है। इतने सालों से सरकार व प्रसाशन उनकी अनदेखी कर रहे हैं। कोई स्थाई समाधान नहीं किया गया है।







ग्रामीणों का आरोप है कि राजली में बरसाती पानी की निकासी ना होने के कारण सैंकड़ो एकड़ फसल हर साल बर्दाद हो जाती है। खाने लायक दाने नहीं बचते । करीब 35 ढा़णियां खेतों में बसी हुई है और बाहर निकले तक का रास्ता नहीं है, जिसके कारण बच्चे पशुओं की कैद हो जाती है । फसल खराबे का कोई मुआवजा नहीं दिया जाता। वहीं किसानों-मजदूरों और ग्रामीणों ने बड़े आंदोलन का ऐलान करते हुए कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो डीसी कार्यालय पर अनिश्चिकालीन धरना शुरु कर देंगे।

 








इस मौके पर जुगबीर चहल, नवदीप बूरा, नत्थू राम, डॅाक्टर राजेश, कृष्ण निम्बड़ियां, रमलू, मास्टर रोशन लाल, मास्टर मनीम, रवि निम्बड़िया, सलीम सुलखनी, बिंद्र, अशोक, बलवान, सुनील, सचिन, दिलबाग, सचिन, रत्ति राम, लीलाराम, अंकुश, जगदीश चंद्र, कामरेड दिनेश, जयबीर, बंशी, अमन, परमेश्वरी, राजो, भागो, सुशीला, सुमन, बबली, शांति, लक्ष्मी, कमला, दन्नी, बिरमति, विजय, ओमपति, भंती ग्रामीण मौजूद थे।







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