डिप्टी स्पीकर गंगवा के आवास का घेराव कर बालसंमद के किसानों ने दिया धरना !
20 गांवों का 37 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग
तकनीकी कारणों से मुआवजे में हुआ विलंब, अब सभी अड़चनें दूर की गई
हिसार
बालसमंद के किसान मुआवजे की मांग को लेकर आज डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा के आवास का घेराव करने के लिए पहुंचे। किसानों के धरने को लेकर पहले ही सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मचारी तैनात कर दिए गए। किसानों ने नारेबाजी की। किसानों से बातचीत के लिए डीएसपी अशोक कुमार और एसडीएम अश्वीर नैन पहुंचे। बालसंमद तहसील के करीब 20 गांवों के किसान वर्ष 2020 खरीफ का मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यह मुआवजा 37 करोड़ रुपये बनता है। किसानों का यह धरना बालसमंद तहसील में 65 दिन चला।
किसान नेता दिलबाग हुड्डा ने कहा कि डिप्टी स्पीकर ने हमसे 10 दिन का समय मांगा था। इसकी समय अवधि 14 अगस्त को खत्म हो गई। आज तक पैसे खाते में नहीं आए। हम अपने वादे के अनुसार आए है। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के कारण हमने धरना नहीं दिया। आज हम केवल कमेटी के सदस्य ही आए है। यदि जल्दी ही मुआवजा न आया तो यह धरना बढ़ता ही जाएगा। किसान नेत्री अनु सूरा ने कहा कि तीन बार धरना लगाया गया। प्रशासन ने तीन बार झूठ बोलकर धरना उठवा दिया। सरकार के पदाधिकारियों की जुबान पर सवाल उठता है कि आप लोगों की क्रैडिबिलिटी है या नहीं।
डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा ने कहा कि मुआवजा को लेकर कोई किंतु-परंतु नहीं हैं और वे लगातार इस मामले को लेकर चल रही कार्यवाही की निगरानी कर रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री महोदय और विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से भी लगातार वे संपर्क में हैं। आज भी इस मामले को लेकर उनसे बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्व में धरनारत किसानों का प्रतिनिधिमंडल उनसे इस मसले पर मिला था और हस्तक्षेप करने की मांग की गई। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ में बैठे आलाधिकारियों से वार्ता की, जिसके बाद मुआवजा राशि दिए जाने का निर्णय हुआ है। क्योंकि यह मामला पुराना था और इसमें कुछ अड़चने थी, जिन्हें दूर किया जाना जरूरी था। इन अड़चनों के बारे में समिति सदस्यों को भी अवगत करवाया गया था। इन अड़चनों को दूर कर लिया गया है और अब मुआवजा राशि जारी करने में केवल औपचारिकता बाकी है। डिप्टी स्पीकर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह मुआवजा राशि लगभग सप्ताह भर में जारी कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि नलवा हलका उनका परिवार है। क्षेत्र के किसानों की मांगों पर उन्हें पूर्ण सहानुभूति है। डिप्टी स्पीकर ने किसानों आश्वस्त करते हुए कहा कि खरीफ-2020 फसल का मुआवजा जल्द उनके खातों में डाल दिया जाएगा।


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