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अधेड़ के सीने में दहड़का सुअर का दिल, आखिर सुअर का दिल क्यों ?

 इंसान के शरीर में धड़का सुअर का दिल, सफल रहा तो होगा मिल का पत्थर साबित


अमेरिका / तहलका न्यूज

       आज खान पान की वजह से हर कोई किसी न किसी बिमारी से पीड़ित हैं। जिनमें दिल की बिमारियों के मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा है। दिल की बिमारी से पीड़ित रोगियों के सामने सबसे बड़ा सवाल समय पर दिल मिलना उनके जीवन पर भारी पड़ जाता है। हाल ही में एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति दिल की बिमारी के कारण जिंदगी से जंग लड़ रहा था।



      उसकी जान जानी तय मानी जा रही थी तो उसने कहा कि उसके शरीर में किसी पशु का दिल ट्रांसप्लांट किया जाए तो डाक्टरों की टीम ने संबंधित सरकार से इसकी परमिशन मांगी तो संबंधित विभाग FDA ने इमरजेंसी यूज के लिए मंजूरी 

 नववर्ष की पूर्व संध्या पर इसकी इजाजत दे दी। डाक्टरों की टीम ने भी तुंरत ही सर्जरी की तैयारी कर शुक्रवार को पीड़ित व्यक्ति की सर्जरी कर उसके सीने में सुअर का दिल सफलता पूर्वक ट्रांसप्लांट कर विज्ञान की दुनिया में एक नया अध्याय जोड़ने का काम किया है।


अमेरिका के डॉक्टरों ने साबित कर दिया है कि डाक्टर भी धरती के भगवान हैं। डाक्टरों ने सात घंटे तक चली सर्जरी से जेनेटिकली मोडिफाइड सुअर के दिल को एक अधेड़ उम्र के डेविड के शरीर में ट्रांसप्लांट किया है। ये सर्जरी शुक्रवार को की गई। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड मेडिकल के डॉक्टरों ने सोमवार को इसकी जानकारी दी है। डॉक्टरों ने बताया कि 7 घंटे तक चली सर्जरी के बाद अब मरीज की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। हालांकि, ये सर्जरी सफल रही या नहीं इसके बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। क्योंकि इसके लिए अभी बहुत कुछ अध्यन करना बाकी है। इसके लिए पीड़ित व्यक्ति के स्वास्थ्य पर होने वाले प्रभावों पर डाक्टरों की टीम लगातार नजर रखे हुए है।



मैरीलैंड के डेविड बेनेट लंबे समय से हार्ट की बिमारी से ग्रस्त थे। जब परेशानी ज्यादा बढ़ने लगी तो आखिरी ऑप्शन के तौर पर सुअर का दिल ट्रांसप्लांट करने का प्लान बनाया गया। क्योंकि वो अनेक बिमारियों से पीड़ित हैं। ऐसे में डेविड बेनेट को इस बारे में बताया गया तो उसने कहा कि मेरे सामने दो ही रास्ते हैं मौत या फिर ट्रांसप्लांट। ये अंधेरे में तीर चलाकर श निशाना लगाने की तरह है, जो सही भी लग सकता है और गलत भी हो सकता है। परंतु मैं जीना चाहता हुं। इसलिए ये फैसला लिया।




दुनिया भर की बायोटेक कंपनियां ह्यूमन ट्रांसप्लांटेशन के लिए सुअर के अंगों का प्रयोग मानव विकास पर कर रही हैं। इस ऑपरेशन में इस्तेमाल किया गया दिल भी यूनाइटेड थेरेप्यूटिक्स की सहायक कंपनी रेविविकोर से आया था। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA), जो जेनोट्रांसप्लांटेशन एक्सपेरिमेंट की देखरेख करती है उसने इमरजेंसी प्रयोग के लिए इस ट्रांसप्लांट को मंजूरी दी थी।





यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के डॉक्टरों ने सर्जरी की 


अमेरिका के डॉक्टरों ने बड़ा कारनामा करते हुए जेनेटिकली मोडिफाइड सुअर के दिल को 57 साल के बुजुर्ग के शरीर में ट्रांसप्लांट किया है। यह ऐतिहासिक सर्जरी शुक्रवार को की गई। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड मेडिकल के डॉक्टरों ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी है। डॉक्टरों ने बताया कि 7 घंटे तक चली सर्जरी के बाद मरीज की हालत में सुधार हो रहा है। हालांकि, ये ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा या नहीं इसके बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।



मैरीलैंड रहने वाले डेविड बेनेट लंबे वक्त से हार्ट प्रॉब्लम का सामना कर रहे थे। परेशानी ज्यादा बढ़ने पर आखिरी ऑप्शन के तौर पर सुअर का दिल ट्रांसप्लांट करने का प्लान बनाया गया। जब डेविड बेनेट को इस बारे में बताया गया तो उनका कहना था कि मेरे सामने दो ही ऑप्शन हैं मौत या फिर ट्रांसप्लांट। यह अंधेरे में तीर चलाने की तरह है, लेकिन मैं जीना चाहता हूं। अभी जिंदगी में बहुत कुछ देखना चाहता हूं।




सर्जरी करने वाली टीम के डॉ. बार्टली ग्रिफिथ ने कहा कि सर्जरी के बाद डेविड के शरीर में हो रहे सुधार से हमें नई जानकारी मिल रही हैं। मरीज के स्वास्थ्य में हो रहे सुधार और उसके चेहरे पर मुस्कराहट देखकर काफी अच्छा लग रहा है। हालांकि, सुअर के हार्ट के वॉल्व का भी इंसानों के लिए दशकों से सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जाता रहा है।


डॉक्टरों के मुताबिक, अगर यह सर्जरी सफल रही है तो ये विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ा चमत्कार साबित होगा।

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