हांसी रोहतक के बीच रेल 2022 में दौड़ेगी
रोहतक-महम-हांसी रेलवे लाइन दो साल से रुका निर्माण कार्य को 2022 में लगेंगे पंख
गौरतलब है कि जब इस रेल लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण का काम शुरू किया गया था। उस समय अधिकारियों की गलती से 20 ऐसे प्वाइंट छूट गए थे। जहां पर जमीन अधिग्रहण नहीं हो पाया था। बचे ये प्वाइंट कुल जमीन का सिर्फ दो फीसदी ही हैं। लेकिन ये इतने महत्वपूर्ण हैं कि इनके कारण पूरा प्रोजेक्ट बीच में ही लटका हुआ था। किसानों को जमीन का मुआवजा नहीं मिला तो किसानों उस जमीन पर काम रुकवा दिया।। अब दोबारा से हिसार व रोहतक जिले में जमीन अधिग्रहण का काम शुरू होगा।
यहां पर हुई थी गड़बड़ी
भैणी महाराजपुर गांव के पास रेलवे ने महम का रेलवे स्टेशन बनाया है। यहीं पर रेलवे विभाग के कर्मचारियों के लिए बहु मंजिला रिहायशी क्वार्टर बनाए गए हैं। इन क्वार्टरों व रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूरी पर भैणी महाराजपुर-भैणी भैरों मार्ग के पास दो जगह पर रेलवे विभाग जमीन का ही अधिग्रहण करना भूल गया है। जब रेलवे द्वारा रोहतक वाया महम हांसी रेलवे लाइन के लिए जमीन अधिग्रहित की गई तो नो किले नंबर छूट गए थे। अब दोनों तरफ रेलवे लाइन बना दी गई है। साथ एक मुहाने पर रेलवे का अंडर पास भी बना हुआ है। बीच में दो कनाल जमीन में धान की फसल खड़ी थी। इसी प्रकार भैणी महाराजपुर गांव के ही रामभज की भी यही शिकायत है। उनका कहना है कि उसकी एक एकड़ जमीन रेलवे नहीं अधिग्रहित नहीं की है।
रेलवे पीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि नया रेलवे ट्रैक बिछाने का काम 2017 में शुरू हुआ था। जो जून 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। कुछ गांवों में भूमि अधिग्रहण नहीं होने की वजह से ट्रैक का काम पूरा नहीं हुआ। रेलवे द्वारा पत्र लिखे जाने पर प्रदेश सरकार ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद है आने वाले कुछ महीनों में बची भूमि का अधिग्रहण करके पटरी बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। ट्रैक बिछाने का 98 फीसदी काम कर लिया गया है। दो फीसदी काम भूमि अधिग्रहण के कारण ही रुका हुआ है। इस समय हिसार से दिल्ली जाने के लिए भिवानी स्टेशन जाना पड़ता है। ये प्रोजेक्ट पूरा होने से हिसार-रोहतक सीधा रेल लाइन से आपस में जुड़ जाएंगे।
पांच क्रासिंग स्टेशन यहां पर बनाए जाएंगे
रेलवे अधिकारी सुरेश मेहता ने बताया कि रोहतक-महम-हांसी के बीच बिछाए जा रहे रेलवे ट्रैक पर पांच क्रॉसिंग स्टेशन मोखरा, मदीना, महम, मुंढाल और गढ़ी बनाए हैं। वहीं, चार हाल्ट स्टेशन बनाए हैं, जहां से यात्री ट्रेन में सवार हो सकेंगे बहुअकबरपुर, खरकड़ा, बलंभा, सोरखी हैं।

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