Soni - भैंस की मौत पर पशु पालक ने खाप को मृत्यु भोज पर बुलाया
भैंस की मौत पर किसान परिवार शौक में डूबा, की तेरहवीं की रस्म
तहलका न्यूज
लोगों को अक्सर अपने परिवार, रिस्तेदारो की मौत पर तो शौक प्रकट करते हुए देखा है। लेकिन कोई पशु की मौत पर शौक प्रकट करना, तेरहवीं या सत्रहवीं कर लोगों को भोज करवाना सुनने में अटपटा सा लगता है। लेकिन सोनीपत के खरखौदा के गांव सोहटी के किसान सुखबीर ने ऐसा ही किया है। उसने अपनी भैंस की मृत्यु पर तेरहवीं तो की ही साथ ही जटराणा खाप के अठगामा गांव के लोगों के लिए सामुहिक भोज का आयोजन किया।
मृतक भैंस ने सुखबीर के घर में ही जन्म लिया था। जिसके कारण सारे परिवार की भावनाएं उसके बचपन से ही जुड़ी हुई थी और परिवार के हर सदस्य को पहचानने के साथ साथ उनकी आवाज सुनते ही भागी आती थी।
पशु पालक सुखबीर राणा ने बताया कि इस भैंस ने 21 बार गर्भाधारण किया और 25 सालों तक खुब दूध दिया। अन्य पशुओं की तरह इसने दूध निकालते समय पांव नहीं उठाया। इसको खरीदने के लिए बहुत व्यापारी आए। लेकिन भावनाएं जुड़ी होने के कारण हमने कभी बेचने का मन नहीं किया। आज हम इसी भैंस की बदौलत ही यहां तक पहुंचे हैं। सभी बच्चों को पालने पौषणें में इस भैंस का बहुत बड़ा योगदान रहा है।


कोई टिप्पणी नहीं
Thanks