पांच दिनों में गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद खुला जाम, एस आई टी करेगी महंत आत्महत्या मामले की जांच
मंगलवार को महंत शब्दाई नाथ के पार्थिव शरीर को होगी समाधि, मामले की जांच एसआईटी से होगी ।
जींद - संवाददाता -पवन डाहौला
पिछले 30 घंटे से जींद कैथल मार्ग जाम होने के बाद थुआ तपा बीस सदस्यीय कमेटी और जिला प्रशासन के बीच बनी सहमति के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला । जाम लगने से लोगों अनेक परेशानी झेलनी पडी वहीं मार्ग जाम होने की वजह से पुलिस ने वाहनों के लिए रोड डायवर्ट करना पडा । सोमवार को जिला प्रशासन की और एएसपी नरवाना कुलदीप सिंह,एसडीएम उचाना राजेश कौथ बीडीपीओ अलेवा औम प्रकाश सहित अनेक अधिकारी मौका पर पहुंचे वहीं पर थुआ तपा की और से सोमदत्त शर्मा के ! नेतृत्व में बीस सदस्यीय कमेटी प्रशासन से बातचीत करने नजदीक बिल्लू हैचरी में पहुंचे दो पक्षों की लगभग आधा घंटे तक चली बातचीत में सहमति बन गई ।
कमेटी की और से जिला प्रशासन के सामने कुछ मांगें रखी जिसमें दर्ज मामले के ब्यानकर्ता महंत ननदाई नाथ को सुरक्षा उपलब्ध करवाना एसआईटी का गठन और सुसाईड नोट में मिले आरोपित लोगों की गिरफ्तारी । जिला प्रशासन की और से एएसपी कुलदीप सिंह ने कमेटी के सामने सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया उन्होंने कहा कि महंत की सुरक्षा के लिए पुलिस की ड्यूटी लगा दि गई है डीएसपी जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में एसआईटी गठान कर दिया है और जल्द ही आरोपित लोग पुलिस कि गिरफ्त में होंगे । उसके बाद जिला प्रशासन की और से महंत शब्दाई नाथ के शरीर को समाधि देने की बात कही जिसपर मौजूद कमेटी और महंतो ने सूर्यास्त होने का हवाला देते हुए कहा कि मंगलवार को समाधि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा ।गौरतलब है कि पेंगा स्थित डेरा आसण के महंत शब्दाई नाथ द्वारा आत्महत्या में आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी को लेकर महंतो की अगुवाई में ग्रामीणों ने जींद कैथल मार्ग स्थित बस अड्डा पेंगा पर ट्रैक्टर ट्रांली हडाकर जाम लगा दिया था । शव को मार्ग पर रख जिला प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की । बताते चले कि शुक्रवार रात्री को पेंगा आसण डेरा के महंत शब्दाई नाथ ने संदिग्ध परिस्थितियों के चलते आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने शव के पास एक तीन पेज का सोसाईड नोट प्राप्त हुआ । पुलिस ने संडील डेरा के महंत नंनदाई नाथ के ब्यान पर चार लोगों को नामजद कर मामला की जांच शुरू कर दी । शनिवार को पुलिस ने शब्दाई नाथ का पोस्टमार्टम करवा शव ग्रामीणों को सौंप दिया था।
देर सांय होने के कारण शव को शमाधी नही दी और रविवार सुबह ही ग्रामीण पेंगा गांव के आसण में एकत्रित होने शुरू हो गए थे । ग्रामीणों ने सुबह ही मामले की जांच डीएसपी जितेंद्र कुमार से करवाने की मांग की थी । ग्रामीणों की मांग के अनुसार डीएसपी जितेंद्र कुमार गांव के आसण में पहुंचे । ग्रामीणों ने डीएसपी जितेंद्र कुमार के सामने तीन मांग रखी ग्रामीणों ने पहली मांग रखते हुए कहा कि सबसे पहले मामले की जांच एसआईटी द्वारा करवाई जाए दूसरी मांग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो और तीसरी मांग दर्ज मामले के ब्यानकर्ता महंत नंनदाई नाथ की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ।
डीएसपी जितेंद्र कुमार द्वारा ग्रामीणों की मांग को मानते हुए कि मामले में आरोपी लोगों गिरफ्तारी करने के लिए उसको एक सप्ताह का समय चाहिए इस पर ग्रामीण बिफर गए और महंत शब्दाई नाथ का पार्थिव शव को ट्रैक्टर ट्रांली में डालकर जींद कैथल मार्ग पर रख जाम लगा दिया ।
ये है मामला
पिता महंत शब्दाई नाथ डेरा काला पीर पेगां में करीब 12 साल से बतौर महंत पीठासीन थे शनिवार को उसके पिता महंत शब्दाईनाथ डेरा कोथ कलां जिला हिसार मे गए थे । वहां से कल शाम को वापिस आते समय थुआ और पेगां के बीच मे दो नाम पता नामालूम लडकों द्वारा जिनमें से शायद एक कंडेला वासी महंत शुक्राईनाथ के साथ थे। उन्होंने ने ही महंत शब्दाईनाथ के साथ मारपीट कर धमकी देते हुए कहा था कि आप दोंनो बाप बेटा को डेरा छोडना होगा । यह बात उसके पिता महंत शब्दाईनाथ ने उसको फोन पर बताई थी। उसके बाद वह स्वयं सांय समय करीब 7 बजे गांव पेगां डेरा में पहुंचा था ।
उन्होंने कहा कि उपरोक्त दोनों लडको को महंत शुक्राईनाथ डेरा कोथ कलां ने भेजा था क्योंकि इससे पहले भी सुकराईनाथ द्वारा उसके ऊपर एक मामला गांव कोथ कलां का थाना नारनौंद मे दर्ज करवाया था । उसके पिता शब्दाईनाथ के खिलाफ दो मामले गांव कोथ कलां डेरे से संबंधित है उनको बार बार डेरा छोडने की धमकी दी जा चुकी है उसके बाद वह वापिस संडील डेरा में वापिस चला आया था। उसके बाद सुबह करीब 8 बजे सूचना मिली की उसके पिता महंत शब्दाई नाथ ने रात को आत्महत्या कर ली थी।
सूचना मिलने पर वह गांव पेगा डेरा आसन कालापीर डेरा पहुंचा तो उन्होंने देखा कि उसके पिता कमरे में बैड के ऊपर मृत अवस्था मे पडे हुए हैं। उसके पिता शब्दाईनाथ के मुहं से लार आदि निकल कर चादर भी गीली हो चुकी थी इसके बाद उन्होंने बैड के पास देखा तो एक प्लास्टिक की बोतल पडी हुई थी बैड पर ही एक सुसाईड नोट दो पेज का प्राप्त हुआ । जिसको पढने से पता चला कि उसके पिता महंत शब्दाईनाथ को महंत सुक्राईनाथ डेरा कोथ कलां व महंत चेताई नाथ डेरा हरिद्वार दलीचा, बालकिशन चौकी ईन्चार्ज मिर्चपूर व हवलदार अशोक कुमार द्वारा तंग होकर आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है उपरोक्त के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जावे ।

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