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SKM पर आरोप : किसान आंदोलन करते रहेंगे, नहीं करेंगे घर वापसी

जब तक एम एस पी नहीं तब तक घर वापसी नहीं - किसान

सिंधु बार्डर : तहलका न्यूज

    संयुक्त किसान मोर्चा के फैसले पर किसानों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।‌ भले ही एसकेएम शनिवार को घर वापिस चला जाए। लेकिन जब तक एम एस पी पर कानून नहीं बनाया जाता तब तक किसान यहां से नहीं हिलेंगे।


सिंधु बार्डर पर किसान एम एस पी पर कानून बनाए जाने की मांग को लेकर भुख हड़ताल पर बैठे हुए हैं और एसकेएम ( Sanyukta Kisan Morcha ) ने सात में से छः मांगें सरकार ( Modi Government ) द्वारा मानें जाने पर 9 दिसंबर को बैठक कर 11 दिसम्बर को जश्न मनाते हुए घर वापसी का ऐलान कर दिया था। लेकिन भुख हड़ताल पर बैठे किसानों ने आरोप लगाया कि किसान आंदोलन (Kisan Protect) ( Kisan morcha )  मुख्यत कृषि कानून निरस्त और एम एस पी पर कानून बनाए जाने की मांग को लेकर शुरू किया गया था। सरकार ने कृषि कानून तो निरस्त कर दिए। लेकिन अभी तक एम एस पी पर कानून नहीं बनाया गया है। 


सिंधु बार्डर के मुख्य मंच के पास भुख हड़ताल पर बैठे किसान नरेश सांगवान अम्बाला, करतार सिंह कैथल, सरदार सतनाम सिंह पटियाला, राजेंद्र सांगवान सोनीपत राजेंद्र सांगवान सोनीपत, सरदार विक्रमजीत सिंह गुरदासपुर ने बताया कि जिस समय आंदोलन शुरू हुआ उस समय किसानों की दो मांगें थी। कृषि कानून तो निरस्त हो गए। लेकिन अभी तक एम एस पी पर कानून नहीं बनाया गया है और वो  काफी दिनों से इस मांग को लेकर भुख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। किसानों ने कहा कि अब तक ना तो एम एस पी पर ही कानून बना है और ना ही किसानों पर दर्ज किए गए मामले रद्द किए गए हैं। ऐसे में आंदोलन खत्म करने का कोई औचित्य ही नहीं है। किसानों ने एसकेएम के घर वापसी के फैसले पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ये फैसला एसकेएम ने किसी दबाव में आकर लिया गया है। उन्होंने कहा कि चाहे सभी किसान घर वापसी कर जाएं। लेकिन वो एम एस पी पर कानून बनाए जाने तक यहीं पर बैठ कर आंदोलन करते रहेंगे।



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