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पेगा डेरे के महंत ने की आत्महत्या, कोथ कलां के शुक्राई नाथ समेत इन लोगों की नींद हुई हराम

 पेगा डेरे के महंत ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में तीन नारनौंद के लोगों के नाम

        अलेवा पुलिस घटनास्थल पर जांच करते हुए।

जींद / तहलका न्यूज

    पेगा गांव स्थित बाबा काला पीर डेरे के महंत की अज्ञात परिस्थितियों में मौत हो गई। महंत की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर सीन आफ क्राइम की टीम को भी बुलाया गया। जिसने घटना स्थल से जरुरी साक्ष्य जुटाए।‌ पुलिस शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का केस मान रही है। मृतक महंत के पास चार पेज का सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें कोथ कलां स्थित दादा काला पीर डेरे के महंत शुक्राईनाथ के नाम के अलावा नारनौंद थाने के दो पुलिस कर्मियों सहित चार लोगों को इसका जिम्मेदार ठहराया गया है। 

पेगा गांव में बाबा काला पीर का डेरा है और पिछले सालों से इस डेरे की देखभाल महंत शब्दाई नाथ कर रहे थे। शनिवार की सुबह महंत शब्दाई नाथ अपने कमरे से बाहर नहीं निकले तो डेरे में मौजूद अन्य लोगों ने अंदर जाकर देखा तो महंत शब्दाई का शव कमरे में बैड पर पड़ा हुआ था। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी तो डीएसपी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। क्योंकि शव के पास कमरे में जहरीले पदार्थ की बोतल मिली है। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि महंत शब्दाई नाथ ने जहरीला पदार्थ खा कर आत्महत्या की है। वहीं बैड के पास ही फांसी का फंदा भी लगा हुआ मिला है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। 



महंत शब्दाई नाथ के शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें कोथ कलां स्थित दादा काला पीर डेरे के महंत शुक्राईनाथ योगी, मिर्चपुर पुलिस चौकी में तैनात दो पुलिस कर्मियों समेत चार लोगों के नाम लिखे हुए हैं।


पुलिस ने मृतक महंत के पास से ससुाइड नोट भी बरामद किया है। जिसमें लिखा था कि वह काला पीर कोथ कलां के महंत नंदाईनाथ का चेला है। लगभग उसने करीबन दो दस्क पहले घर बार छोड़ दिया था और नंदाई नाथ से दीक्षा लेकर सन्यास ले लिया था। नंदाई नाथ के आदेशों पर पहले उसको गांव रामराय डेरे के देखरेख के लिए भेजा गया था और सन् 2013 में उसे गांव पेगा काला पीर डेरे की देखभाल के लिए भेज दिया था।




सुसाइड नोट में लिखा है कि उसके गुरु महंत नंदाई नाथ जोकि कोथ कलां स्थित दादा काला पीर मठ के महंत ने जनवरी 2018 में चौला छोड़ दिया था और शुक्राई नाथ ने साजिश के तहत गद्दी हथिया ली और उसे जेल भेज दिया। उन्होंने सुसाइड नोट में बड़ा आरोप लगाया कि शुक्राईनाथ के साथ इस साजिश में राजनीतिक लोग भी शामिल हैं। अब वो कौन है किसी का नाम लिखा हुआ है या नहीं, इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं है। हालांकि पुलिस जांच का विषय जरुर है और ये देखने वाली बात होगी कि इस मामले में सत्ता में बैठे नेताओं का हाथ है कि विपक्षी पार्टियों के नेताओं का।


Download App Home > राज्य > हरियाणा > पेगां काला पीर के महंत ने ... पेगां काला पीर के महंत ने की आत्महत्या, 4 पेज के सुसाइड नोट में कोथ कलां डेरे के महंत सहित दो पुलिस कर्मियों पर आरोप पुलिस ने महंत के पास से चार पेज का सुसाइड नोट बरामद किया है। जिसमें कोथ कलां डेरे के महंत समेत चार लोगों को मौत के लिए जिम्मेवार ठहराया गया है। जिसमें दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। अलेवा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौके पर पड़ा महंत का शव और जांच करती फोरेंसिक टीम। Manoj JangraCreated On:  18 Dec 2021 6:10 PMLast Updated On:  18 Dec 2021 11:40 PM हरिभूमि न्यूज. जींद गांव पेगां काला पीर आसन के महंत शब्दाई नाथ ने बीती रात संदिग्ध परिस्थितियों के चलते डेरे में मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की है। महंत ने फांसी लगाने की भी कोशिश की। घटना की सूचना पाकर डीएसपी धर्मबीर खर्ब फोरेंसिक टीम के साथ मौक पर पहुंच गए और हालातों का जायजा लिया। पुलिस ने मृतक महंत के पास से चार पेज का सुसाइड नोट बरामद किया है। जिसमें कोथ कलां डेरे के महंत समेत चार लोगों को मौत के लिए जिम्मेवार ठहराया गया है। जिसमें दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। अलेवा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। गांव पेगां काला पीर आसन के महंत शब्दाई नाथ (65) का शव शनिवार को गांव के डेरे में बेड पर पड़ा देखा गया। नजदीक ही कीटनाशक की बोतल पड़ी हुई थी। साथ में बेड के साथ ही फांसी का फंदा लगाया गया था। आशंका जताई जा रही है कि उन्हाेंने कोई जहरीला पदार्थ निगला है। सूचना मिलने पर डीएसपी के नेतृत्व में फोरेंसिक टीम के साथ पुलिस अमला मौके पर पहुंच गया और हलातों का जायजा लिया। पुलिस ने मृतक महंत के पास से ससुाइड नोट भी बरामद किया है। जिसमें बताया गया है कि वह काला पीर कोथ कलां के महंत नंदाईनाथ का चेला है। लगभग 20-22 साल पहले उसने घर बार छोड़ दिया था और नंदाई नाथ से दीक्षा लेकर सन्यास ले लिया था। नंदाई नाथ के आदेशों पर पहले उसे गांव रामराय डेरे के देखरेख के लिए भेजा गया। वर्ष 2013 में उसे गांव पेगां काला पीर आसन की सेवा में लगा दिया गया। Also Read - ऑनलाइन बिजली बिल भरते समय रखें यह सावधानी, फ्रॉड से बचें रहेंगे चार जनवरी 2018 को महंत नंदाई नाथ ने समाधी ले ली। जिसके बाद शुक्राईनाथ चेला चिताईनाथ व मजनाई नाथ डेरा अजायब के साथ मिल कर षड़यंत्र रच कर डेरा कोथ कलां की गद्दी हथिया ली। जिसमें राजनीतिक लोग भी शामिल हुए। षडयंत्र के तहत उसे जेल भेज दिया गया। जिस पर उसने अदालत में याचिका दायर की हुई है। महंत शुक्राई नाथ ने अपने साथियों के साथ मिल कर उसे याचिका वापस न लेने पर धमकी दी गई। उसके बेटे ने भी सन्यास लिया हुआ है जिसे नंदाई नाथ का नाम दिया गया है। जो संडील डेरे की सेवा करता है। उसे भी मुकद्में में फंसाने का षड़यंत्र रचा जा रहा है।


 रास्ते मेें मारपीट की गई गत दिवस जब वह कोथ कलां से वापस लौट रहा था तो रास्ते मेें उसके साथ मारपीट की गई। जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई थी। बाबा नंदाई नाथ को भी उनसे खतरा है। महंत चिताई नाथ, शुक्राई नाथ, मिर्चपुर चौकी के पुलिसकर्मी अशोक तथा बाल किशन ने बहुत परेशान किया हुआ है। उसे मजबूर कर दिया गया है। जिसके नीचे शब्दाई नाथ ने अपना नाम लिखा हुआ है। अलेवा थाना पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर डाक्टरों के बोर्ड द्वारा महंत के शव का पोस्टमार्टम करवाकर सहयोगी साधुओं को सौंप दिया है। पुलिस ने सुसाइड नोट को आधार मान मृतक के बेटे महंत नंदाई नाथ की शिकायत पर महंत चिताई नाथ, शुक्राई नाथ, मिर्चपुर चौंकी के पुलिसकर्मी अशोक तथा बाल किशन के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

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