पराली जलाने के रोहतक में मिले तीन केस, लगा जुर्माना
पराली जलाने के रोहतक में मिले तीन केस, लगा जुर्माना
रोहतक
पराली जलाना पर्यावरण प्रदूषण के बड़े कारणों में माना जा रह है। हालांकि अनेक किसान अब जागरूक हो रहे और उन्होंने पराली जलाने की बजाय उसे मुनाफा कमाना शुरू कर दिया है। लेकिन कुछ किसान अब तक भी ऐसे हैं जो जागरूकता के अभाव में पराली जला रहे हैं। ऐसे किसानों पर सरकार की नजर हैं। रोहतक जिले में इस महीने में अब तक तीन किसान ऐसे पाए गए हैं। जिन्होंने पराली जलाई है। इन तीनों किसानों पर ही कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने जुर्माना लगाया है। वहीं, बुधवार शाम को आठ अन्य सूचनाएं भी मिली हैं, जिन पर छानबीन की जा रही है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से गांवों में निगरानी की जा रही है। पराली जलाने वाले तीनों किसानों पर जुर्माना करने के साथ ही उनको सख्त हिदायत भी दी गई है। उधर, पराली प्रबंधन के प्रति किसानों को गांवों में जाकर विभाग की ओर से जागरूक भी किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक पराली जलाने से रोकने के लिए विभाग की टीमें गांव गांव में निगरानी रख रही है। वहीं, एजेंसियों की ओर से भी निगरानी रखी जा रही है। पराली जलाने की जो भी सूचना मिलती है तो विभाग की टीम पटवारी व ग्राम सचिव को साथ लेकर मौके पर जाती हैं। हालांकि अनेक सूचनाएं घास-फूस जलाने की भी पाई जा रही हैं। लेकिन जो खेत में पराली जलाने का मामला मिलता है तो उसमें तुरंत कार्रवाई की जाती है। विभाग की ओर से जुर्माना लगाए जाने के जो तीन मामले सामने आए हैं। उनमें से एक गांव बलम, दूसरा गांव चांदी व तीसरा गांव फरमाणा बादशाहपुर का है। तीनों में से प्रत्येक किसान पर 2500-2500 रुपये जुर्माना लगाया गया है। उधर, इस मामले में वीरवार को ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में विद्यार्थियों की ओर से जागरूकता रैली भी निकाली जाएंगी। पराली प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा

कोई टिप्पणी नहीं
Thanks