स्वतंत्रता दिवस स्पेशल पेज


 

Breaking News

अभिमन्यु कोहाड़ की हुंकार से नारनौंद के किसानों में आया जोश, बोले किसी भी कीमत पर पीछे नहीं खींचेंगे कदम

अभिमन्यु कोहाड़ की हुंकार से नारनौंद के  किसानों में आया जोश, बोले किसी भी कीमत पर पीछे नहीं खींचेंगे कदम


 

 किसानों को हल्के में लेना सरकार को पड़ेगा भारी -  अभिमन्यु कोहाड़

हिसार- गाड़ी के शीशे फोड़ने पर तो 50-60 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया जाता है। लेकिन सिर फोड़ कर जान से मारने की कोशिश करने के मामले में कोई कार्यवाही नहीं होती। ऐसी अंधेरगर्दी केवल भाजपा सरकार में मिलती है। उक्त शब्द किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने नारनौंद, पेटवाड़, भकलाना, राजथल, मसुदपुर गांव में लोगों को संबोधित करते हुए कहे।‌ इस दौरान उन्होंने कुलदीप सातरोड़ को न्याय दिलाने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में हांसी एसपी कार्यालय के सामने पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की खट्टर सरकार किसानों को अजमा रही है कि जो उत्साह किसानों ने हिसार कमीश्नरी के घेराव के समय दिखाया था वो अब नहीं रहा। क्योंकि नारनौंद प्रकरण में कुलदीप सातरोड़ को गंभीर चोटें आने के कारण 15 दिन बाद भी उसकी हालात में खास सुधार दिखाई नहीं दे रहा है और प्रशासन उसको चोट मारने वालों के खिलाफ कोई कार्यवाही करने के मुड में दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार 8 नवंबर के एसपी घेराव में किसानों की कम संख्या को देखते हुए इसे हल्के में ले रही है। लेकिन सरकार व प्रशासन को ज्ञात होना चाहिए कि ये समय फसल कटाई व दूसरी फसल की बिजाई का समय है और मजदूर ना मिलने व बारिश से नष्ट हुई फसल को काबू करने में इस समय किसान खेती के काम में उलझा हुआ है। अन्यथा कब का सरकार को किसान मजदूर एकता का पाठ पढ़ाकर अपनी मांगे मनवा चुके होते। परंतु अब किसानों का अधिकतर काम काबू में आ चुका है और वो  19 नवंबर सुबह 10 बजे हर गांव से सैकड़ों की संख्या में हांसी एसपी कार्यालय के सामने पहुंच कर पुनः अपनी ताकत का एहसास करवाएंगे और  कुलदीप सातरोड़ को न्याय दिलाने के इस हवन कुंड में आहूति डालेंगे।

 


 

बाक्स

   अमित सांगवान ने कहा कि बिहार सहित अन्य राज्यों के किसान भी आंदोलन में शामिल होना चाहते हैं। लेकिन गरीबी के कारण वो इसमें शामिल नहीं हो सकते। क्योंकि जो काले कानून अब हमारे ऊपर लागू किए जा रहे हैं वो बिहार व मध्यप्रदेश में पहले से ही लागू किए हुए हैं। जिसके कारण उनकी फसलों को 600-700 रुपए प्रति क्विंटल में खरीदकर पूंजी पति लोग उनका शौषण करने में लगे हुए हैं।


इस अवसर पर अमित सांगवान, बलवान लोहान, शीलू लोहान, कृष्ण पहलवान, भूप लोहान, कृष्ण एमसी, सुनील सिंहमार, देवेन्द्र, संदीप, दीपक, विकास इत्यादि मौजूद थे।

कोई टिप्पणी नहीं

Thanks

Home; | DMCA; | Disclaimer; | Privacy Policy; | About Us; | Contact Us; |