किसानों के आगे तो मोदी ही मान गया तो एसपी क्या चीज है - सुरेश कोथ
किसानों के आगे तो मोदी ही मान गया तो एसपी क्या चीज है - सुरेश कोथ
हांसी - सुनील कोहाड़
किसानों के आह्वान पर शुक्रवार सुबह से ही हांसी एसपी कार्यालय पर पहुंचना शुरू हो गए थे। प्रधानमंत्री मोदी के तीनों कृषि कानूनों को वापिस लेने के बाद ये कयास लगाए जा रहे थे कि किसान कम संख्या में पहुंचेंग और अब प्रशासन भी किसानों की मांगों को मानकर उनको घर भेजने का काम करेंगे। लेकिन दोपहर तक प्रशासन द्वारा बातचीत करने पर कोई न्यौता नहीं दिया गया और किसानों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ तो आखिर कर आगे की रणनीति के लिए कमेटी गठित की गई और रणनीति करने लगे तो प्रशासन की तरफ से भी करीब दो बजे बातचीत के लिए बुलाया गया।
वहीं हांसी में चल रहे धरने को संबोधित करते हुए कहा कि हांसी की एसपी पहले बोलती थी कि किसान कुलदीप मिर्गी रोगी है और वो दौरा आने के कारण घायल हुआ है। उस समय कुलदीप बेहोश था। लेकिन अब कुलदीप होंश में आ चुका है और डाक्टर के सामने ब्यान दिया है कि उसको सांसद रामचन्द्र जांगड़ा की गाड़ी में से उतरे लोगों ने चोट मारी है। उसके बाद भी पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि
जब प्रधानमंत्री मोदी ने ही किसानों के सामने घुटने टेक दिए हैं तो एसपी क्या है। इसलिए एसपी साहिबा किसानों के सब्र की इंतेहा ना ले। अगर वो विफर गए तो ये बैरिकेटिंग सब हट जाएंगे। क्योंकि 12 बजे पुलिस को किसानों को बातचीत कर मामले को सुलझाने के लिए कहा गया था। लेकिन डेढ़ घंटे बाद भी पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आना ये दर्शाता है कि वो इस बात को हल्के में ले रहें हैं। प्रशासन से इस तरह की भूल ये दर्शाती है कि एसपी साहिबा को समाजिक ज्ञान व पंचायती फैसलों के बारे में ज्ञात ही नहीं है।

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