सरकारी नौकरियों को बेचने का खेल मुख्यमंत्री के आवास से होकर गुजरता है: अभय सिंह चौटाला
सरकारी नौकरियों को बेचने का खेल मुख्यमंत्री के आवास से होकर गुजरता है: अभय सिंह चौटाला
चंडीगढ़ -
ना पर्ची ना खर्ची का नारा तो एक ढोंग मात्र है जो सिर्फ प्रदेश की जनता को बरगलाने के लिए है। लेकिन अब इनकी सच्चाई जनता के सामने आ चुकी है। उक्त शब्द इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कहे। उन्होंने कहा कि नौकरियां बेचने का काम कांग्रेस सरकार में शुरू हुआ और अब भाजपा सरकार के संरक्षण में बदस्तूर जारी है।
यहां यह बात जाननी बेहद आवश्यक है कि जसबीर सिंह भूपेंद्र हुड्डा के मुख्यमंत्री कार्यकाल से ही एचपीएससी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार में कॉन्ट्रैक्ट, डीसी रेट और चपरासी से लेकर एचएससीएस तक की नौकरियां रुपए लेकर बेची जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अगर अपने आप को पाक-साफ साबित करना चाहते हैं तो पिछले सात साल के उनके कार्यकाल में हुई नौकरियों की भर्ती की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाई जाए।
अभय सिंह चौटाला ने भाजपा सरकार पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि जब आयोग के नियमों में उपसचिव का पद है ही नहीं तो किसने इस पद पर नियुक्ति की। जोकि जांच का विषय है। जांच इस विषय की भी होनी चाहिए कि आरोपी जसबीर का मुख्यमंत्री आवास पर कितना आना जाना था और वहां किन किन से अधिकारियों से मिलता था। इसमें सिर्फ डेंटल डाक्टर ही नहीं बल्कि इसके कार्यकाल की सभी भर्तियां जिनमें एचसीएस और ज्युडिसरी परीक्षा की भी जांच होनी चाहिए।

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